2008 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर थानागाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने जयपुर,(ईएमएस)। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं थानागाजी (अलवर) से दो बार बीजेपी विधायक रहे हेम सिंह भड़ाना का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे और पिछले करीब पांच महीनों से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका निधन अलवर के एक निजी अस्पताल में हुआ। भड़ाना के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक है। उनका अंतिम संस्कार दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव किशनगढ़बास के बघेरी कलां में किया गया। बीजेपी के अलवर जिला मीडिया प्रभारी ने बताया कि पूर्व मंत्री के निधन के चलते पार्टी के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। बीजेपी नेताओं, कार्यकर्ताओं और कई सामाजिक संगठनों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हेमसिंह भड़ाना का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की और पढ़ाई के दौरान ही राजनीति में सक्रिय हो गए। 1991-92 में वे राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय, अलवर के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। यहीं से उनकी पहचान एक मुखर और संगठनात्मक क्षमता वाले नेता के रूप में बनी। छात्र राजनीति के बाद भड़ाना ने जमीनी स्तर पर काम करते हुए स्थानीय निकायों में अपनी जगह बनाई। 10 फरवरी 2005 को वे पंचायत समिति किशनगढ़बास के प्रधान बने। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास और जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ बनी। हेम सिंह भड़ाना 2008 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर थानागाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और 2008 से 2013 तक तेरहवीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। 2013 में वे दूसरी बार विधायक बने और वसुंधरा राजे सरकार में उन्हें राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। 2014 में उन्हें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। इसके बाद उपभोक्ता मामलों के मंत्री का जिम्मा भी उन्हें दिया गया। 2016 में भड़ाना को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। भड़ाना की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही, जो पद और सत्ता से ऊपर क्षेत्र और लोगों को प्राथमिकता देते थे। क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं को सुनना और मौके पर ही समाधान का प्रयास करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था। सिराज/ईएमएस 02फरवरी26 ----------------------------------