क्षेत्रीय
02-Feb-2026


हाथरस (ईएमएस) । दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वास के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके तहत सात प्रमुख परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अनुदान प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी देते हुए दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी स्मृति गौतम ने बताया है कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ये संस्थाएं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (मानसिक मंदता एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजन को छोड़कर) से जुड़े व्यक्तियों के कल्याण का काम करेंगी। अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, डे केयर सेंटर/प्री-प्राइमरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल स्तर के विशेष विद्यालयों का संचालन, जूनियर हाईस्कूल स्तर तक के विद्यालयों का संचालन, हाईस्कूल स्तर तक के विशेष विद्यालयों का संचालन, कौशल विकास (अधिकतम 4 ट्रेड तथा न्यूनतम 2 ट्रेड) एवं पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालयों का संचालन आदि परियोजनाओं पर काम करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि निःशक्त व्यक्ति अधिनियम, 1995 या दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत पंजीकृत जनपद या प्रदेश की स्वैच्छिक संस्थाएं, जिनके पास संबंधित क्षेत्र में अनुभव है और वे योजना की पात्रता रखती हैं, भाग ले सकती हैं। आवेदक संस्थाओं को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट http://uphwd.gov.in से योजना से जुड़े कार्यकारी आदेश, दिशा-निर्देश और निर्धारित प्रारूप डाउनलोड करना होगा। पूरा आवेदन 4 फरवरी, 2026 की शाम तक कार्यालय, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, विकास भवन, कक्ष संख्या-104, हाथरस में जमा कराना अनिवार्य होगा। ईएमएस / 02 फरवरी 2026