छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। कायलांचल के परासिया क्षेत्र में जान लेवा कोल्ड्रिफ कप सिरप के सेवन से मौतों का सिलसिला ४ माह बाद भी थमता नजर नही आ रहा है। रविवार को उपचार के दौरान नागपुर में फिर एक ४ वर्षीय बच्चे ने जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए दम तोड़ दिया। इसे मिलाकर अब कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा २५ पर पहुंच गया है। रविवार को हुई ४ वर्षीय बच्चे की मौत से एक बार फिर हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार पड़ोसी जिले बैतूल के टीकाबर्री गांव में रहने वाले ४ वर्षीय हर्ष पिता गोकुल यदुवंशी को करीब चार माह पूर्व कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए नागपुर के एम्स में भर्ती कराया गया था। पिछले चार माह से लगातार कोमा में था और उसका इलाज एम्स के आईसीयू में चल रहा था। चिकित्सकों ने भी उसकी हालत नाजुक बताते हुए धीरे-धीरे रिकवर होने की बात कही थी, लेकिन रविवार की रात १० बजे जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए हर्ष यदुवंशी ने दम तोड़ दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद नागपुर से जैसे ही उसका शव गांव लाया गया वैसे ही गांव में कोहराम मच गया। इधर आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने भी बच्चे की मौत की पुष्टि की है। लाखों रूपए हो गए इलाज में खर्च मृतक हर्ष के पिता गोकुल यदुवंशी पेशे से किसान है उनके दो बेटे है जिनमें हर्ष बड़ा बेटा था परिवार के सदस्य पिछले चार माह से नागपुर में ही रहकर बेटे का इलाज करा रहे थे। हर्ष के दादा देवा यदुवंशी का कहना है कि हर्ष को भर्ती कराने के बाद से ही उसे होश नहीं आया। डॉक्टर रोज तसल्ली देते थे कि हालत में सुधार है, लेकिन रविवार की रात वह हमें छोड़कर चला गया। उन्होंने बताया कि उसके इलाज में अब तक लाखों रूपए की जमा पूंजी खर्च हो गई है। फिर भी उसकी जान नही बच सकी। अब तक २५ की हो चुकी है मौत कोयलांचल के परासिया विकासखंड के ग्रामों में पिछले चार माह के दौरान २३ बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें दो बच्चे बैतूल जिले के शामिल हैं। इन सभी बच्चों के इलाज में चिकित्सकों ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखा था। इसके पीने के बाद बच्चों में किडनी फेल होने की शिकायतें आईं थीं और लगातार एक के बाद एक २५ बच्चों ने उपचार के दौरान नागपुर में दम तोड़ दिया। इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए परासिया के शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ प्रवीण सोनी और दवा कंपनी के संचालक गोविंदन रंगनाथन सहित ९ लोगों पर प्रकरण दर्ज किया था। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में है और जमानत के लिए प्रयासरत है। ईएमएस / 02 फरवरी 2026