ठाणे,(ईएमएस)। महाराष्ट्र की अदालत ने 2020 में पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले को साबित करने के लिए जरूरी सबूत पेश नहीं किए गए और पुलिस के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे थे। मामला 7 फरवरी 2020 का है। आरोप था कि कुछ लोग कालवा पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से झगड़ा और मारपीट की। सब-इंस्पेक्टर ने कोर्ट में कहा कि एक आरोपी ने एक साथ दो पुलिसकर्मियों के कॉलर पकड़े थे। अदालत ने इस दावे पर संदेह जताते हुए कहा कि एक व्यक्ति एक ही समय में दो लोगों की कॉलर नहीं पकड़ सकता। इसके अलावा, किसी भी पुलिसकर्मी की मेडिकल रिपोर्ट भी पेश नहीं की गई। अदालत ने यह भी माना कि आरोप सिद्ध करने के लिए आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इस आधार पर पांचों आरोपियों को बरी कर दिया गया। हिदायत/ईएमएस 03फरवरी26