कोरबा (ईएमएस) 4 फरवरी विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर वर्ल्ड कैंसर डे 2026 की थीम “यूनाइटेड बाय यूनिक” को केंद्र में रखते हुए लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3233सी के डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट अवेयरनेस ऑफ पीडियाट्रिक कैंसर के अंतर्गत “चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत एक विशेष जनजागरूकता एवं निःशुल्क आयुर्वेद-योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर लायंस क्लब एवरेस्ट (क्लब नंबर 096456) के तत्वावधान में बुधवार 4 फरवरी को पतंजलि आरोग्य केंद्र, जैजैपुर में प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक संपन्न हुआ। * नशीले पदार्थ जागरूकता कार्यक्रम इस शिविर का उद्देश्य स्त्री, पुरुष एवं बच्चों में होने वाले सभी प्रकार के कैंसर के प्रति जनसामान्य को जागरूक करना तथा आयुर्वेद एवं योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए पतंजलि आरोग्य केंद्र जैजैपुर के संचालक सुरेंद्र यादव ने बताया कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रांत के ख्यातिलब्ध आयुर्वेद चिकित्सक एवं लायंस क्लब एवरेस्ट के सचिव लायन नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। डॉ. शर्मा द्वारा शिविर में उपस्थित कैंसर रोगियों एवं परिजनों को चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ-साथ उनकी जीवनशैली और आहार संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। इसके अलावा रोगियों के लिए उपयोगी योग एवं प्राणायाम का निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया गया, ताकि कैंसर की रोकथाम और उपचार में सहायक उपायों को अपनाया जा सके। यह पहल विश्व कैंसर दिवस के मूल उद्देश्य के अनुरूप रही, जिसमें समय पर जागरूकता और सही जीवनशैली को प्राथमिकता दी जाती है। शिविर के दौरान सभी प्रकार के कैंसर के लिए उपयोगी बताए जाने वाले “एंटी कैंसर क्वाथ” का निःशुल्क वितरण भी किया गया, जिसका लाभ बड़ी संख्या में शिविरार्थियों ने उठाया। आयोजकों ने बताया कि आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार यह क्वाथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। पतंजलि आरोग्य केंद्र जैजैपुर के संचालक सुरेंद्र यादव ने अंचलवासियों से अपील करी कि वे विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ अवश्य लें और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं। शिविर का लाभ उठाने हेतु पंजीयन एवं अन्य जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 79743-53129 पर संपर्क कर निर्धारित समय प्राप्त करने की व्यवस्था की गई थी, ताकि शिविरार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 03 फरवरी / मित्तल