राज्य
03-Feb-2026


* सरपंचों से पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदारी के साथ विकसित ग्राम का दायित्व निभाने का आह्वान * ‘ग्राम शक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम’ से ग्राम विकास को नई दिशा, 260 से अधिक सरपंच हुए सहभागी गांधीनगर (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ग्राम पंचायतों के सरपंचों से ग्रामीण स्तर पर अधिक पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदारी के साथ “विकसित भारत के लिए विकसित ग्राम” के दायित्व को निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का इस वर्ष का बजट भी “कर्तव्य” को केंद्र में रखकर बनाया गया है और इसमें ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास में गांवों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरपंचों को ग्राम प्रमुख के रूप में अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाते हुए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ जनशक्ति को जोड़ने का प्रेरक मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री ने गुजरात विधानसभा में गणेश वासुदेव मावलंकर संसदीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण ब्यूरो के तत्वावधान में आयोजित ‘ग्राम शक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी तथा मंत्रियों ऋषिकेश पटेल और कुंवरजी बावलिया की उपस्थिति में किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर गुजरात के बनासकांठा, वाव-थराद, मेहसाणा, पाटण, साबरकांठा और अरवल्ली जिलों के विभिन्न तालुकाओं से 260 से अधिक सरपंचों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को भारत की आत्मा कहा जाता है और जब गांव के सभी लोग एकजुट होकर विकास कार्यों में सहभागी बनते हैं, तभी गांव का सर्वांगीण विकास संभव होता है। उन्होंने सरपंचों को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “सैचुरेशन एप्रोच” के माध्यम से 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करते हुए योजनाओं की अनुदान राशि का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरपंचों की प्राथमिक जिम्मेदारी गांव के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गांवों के सार्वजनिक हित के कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने युवाओं को विकास और भविष्य की योजना में अधिक जोड़ने तथा तकनीक के माध्यम से नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि किसी भी कठिनाई में सरकार हमेशा सरपंचों के साथ खड़ी है। विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया “ग्राम सचिवालय” का मंत्र गांवों के विकास को नई दिशा देने वाला है। इसे साकार करने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की मुख्य जिम्मेदारी सरपंचों की है। उन्होंने कहा कि विकास केवल ईंट और सीमेंट से नहीं, बल्कि संवाद से होता है। ग्राम पंचायत और ग्रामसभा के बीच संवाद बढ़ाने से विश्वास और जनभागीदारी मजबूत होगी। पंचायत एवं ग्राम गृह निर्माण मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि गांवों को शहरों जैसी सुविधाओं से जोड़कर आदर्श गांव बनाना सरपंचों का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने पंचायत अनुदान का 70 प्रतिशत उपयोग करने का अधिकार सरपंचों को दिया, जिससे वे ग्राम विकास योजना बनाकर गांवों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। ग्रामीण विकास मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से गांवों में शहरों के समान सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर अब 1.70 लाख रुपये किया गया है, जिससे ग्रामीणों को अपने घर बनाने में और अधिक मदद मिलेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सरपंचों को पंचायत की भूमिका, G-RAMJI ग्राम विकास योजना, पंचायत लेखा नियम तथा ग्रामसभा में सरपंचों के अधिकार और कर्तव्यों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सतीश/03 फरवरी