नई दिल्ली (ईएमएस)। बदलती जीवनशैली का सीधा असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर होने लगा है। नींद का बार-बार टूटना, चिड़चिड़ापन, हार्मोनल असंतुलन, थकान और कमजोर इम्युनिटी जैसे लक्षण अब आम होते जा रहे हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय तनाव को नियंत्रित रखने और शरीर-मन के संतुलन के लिए योग को बेहद असरदार उपाय मानता है। योग की अनेक मुद्राओं में से कुछ आसन ऐसे हैं जो देखने में भले ही साधारण लगते हों, लेकिन उनका प्रभाव गहरा और दीर्घकालिक होता है। योनि मुद्रा इन्हीं प्रभावशाली मुद्राओं में शामिल है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योनि मुद्रा मन को शांत करने और मानसिक अशांति को दूर करने में खास भूमिका निभाती है। यह मुद्रा व्यक्ति को अपनी सांस, विचार और आंतरिक ऊर्जा पर केंद्रित करने में मदद करती है। नियमित अभ्यास से दिमाग में चल रही अनावश्यक हलचल कम होने लगती है और भीतर एक स्थिर शांति का अनुभव होता है। इस मुद्रा को करने के लिए सुखासन या पद्मासन में बैठकर आंखें बंद की जाती हैं और हाथों की उंगलियों से विशेष आकृति बनाकर कुछ समय तक गहरी और नियंत्रित सांस के साथ ध्यान किया जाता है। यह सरल प्रक्रिया पूरे तंत्रिका तंत्र को धीरे-धीरे शांत करने में सहायक होती है। जब व्यक्ति योनि मुद्रा में बैठता है, तो बाहरी शोर, तनाव और चिंताएं धीरे-धीरे मन से दूर होने लगती हैं। आयुष मंत्रालय का मानना है कि इसके नियमित अभ्यास से तनाव से जुड़े हार्मोन का स्तर घटने लगता है, जिससे चिंता, भय और बेचैनी में कमी आती है। यही कारण है कि यह मुद्रा उन लोगों के लिए भी लाभकारी मानी जाती है, जो लंबे समय से मानसिक दबाव या भावनात्मक तनाव से जूझ रहे हैं। हार्मोनल संतुलन के लिहाज से भी योनि मुद्रा को बेहद उपयोगी माना गया है। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव का सीधा असर मूड, मासिक धर्म और ऊर्जा स्तर पर पड़ता है। इस मुद्रा के अभ्यास से शरीर की आंतरिक ग्रंथियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे हार्मोन का संतुलन बेहतर होने लगता है। पुरुषों के लिए भी यह मुद्रा फायदेमंद है, क्योंकि यह तनाव से पैदा होने वाली हार्मोनल गड़बड़ियों को शांत करने में मदद करती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, जब मन शांत रहता है, तो शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत होती है। योनि मुद्रा से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित होता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर ढंग से काम करती है और छोटी-मोटी बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। इसके साथ ही ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी यह मुद्रा बेहद कारगर मानी जाती है। आज जब बच्चों से लेकर बड़ों तक ध्यान भटकने की समस्या आम हो गई है, ऐसे में योनि मुद्रा मन को एक बिंदु पर केंद्रित करने में मदद करती है। थायरॉइड, पीसीओडी और मासिक धर्म की अनियमितता जैसी समस्याओं में भी योनि मुद्रा को सहायक माना जाता है। सुदामा/ईएमएस 04 फरवरी 2026