बॉन (जर्मनी) (ईएमएस)। केवल दो दिन तक दलिया खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर लगभग 10 प्रतिशत तक कम हो गया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि यह सकारात्मक असर प्रतिभागियों के सामान्य वेस्टर्न डाइट पर लौटने के बाद भी छह हफ्तों तक कायम रहा। हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ बॉन के वैज्ञानिकों ने दलिया पर आधारित एक छोटे लेकिन प्रभावशाली अध्ययन में चौंकाने वाले परिणाम पेश किए हैं। इस अध्ययन में कुल 32 पुरुष और महिलाओं को शामिल किया गया, जिनमें सभी को मेटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्याएं थीं। प्रतिभागियों में अधिक वजन, उच्च ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ ब्लड शुगर जैसी स्वास्थ्य चुनौतियां मौजूद थीं। शोधकर्ताओं ने इन्हें दो समूहों में बांटा। पहले समूह को दो दिन तक दिन में तीन बार दलिया खाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान उन्होंने लगभग 300 ग्राम दलिया रोजाना खाया, जो उनके दैनिक कैलोरी सेवन का लगभग आधा हिस्सा था। दूसरे समूह ने अपनी कैलोरी का सेवन घटाया, लेकिन दलिया नहीं खाया। दोनों समूहों में स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिला, लेकिन दलिया खाने वाले समूह में यह प्रभाव काफी अधिक रहा। इस समूह के प्रतिभागियों का वजन औसतन दो किलोग्राम कम हुआ और ब्लड प्रेशर में भी हल्की कमी आई। दलिया खाने वालों ने अपने शरीर में तुरंत और दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव महसूस किए। अध्ययन से जुड़ी विशेषज्ञ डॉ. मैरी-क्रिस्टीन साइमन ने बताया कि सामान्य रूप से रोजाना 80 ग्राम दलिया खाने से बिना कैलोरी कम किए कोलेस्ट्रॉल पर कोई खास असर नहीं पड़ा। लेकिन जब प्रतिभागियों ने दो दिन तक पूरी तरह दलिया-आधारित डाइट अपनाई, तो एलडीएल स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई। डॉ. साइमन ने यह भी बताया कि यह तरीका मधुमेह और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अध्ययन दलिया की स्वास्थ्य लाभकारी भूमिका को लेकर नई संभावनाओं को उजागर करता है। उन्होंने संकेत दिया कि छोटी अवधि की दलिया-आधारित डाइट या ‘ओट्स फास्टिंग’ मेटाबॉलिज्म को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है। यह न केवल वजन घटाने में सहायक हो सकती है, बल्कि कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है। सुदामा/ईएमएस 05 फरवरी 2026