नई दिल्ली (ईएमएस)। वर्तमान समय में काम का दबाव, घंटों मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बिताया गया समय, नींद की कमी और लगातार बना रहने वाला तनाव शरीर और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। नतीजतन एंग्जाइटी, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोगों को याददाश्त कमजोर होने और किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित न कर पाने की शिकायत रहने लगी है। ऐसे समय में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और नर्वस सिस्टम को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है। योग की अनेक विधियों में हाकिनी योग मुद्रा को विशेष रूप से दिमाग को सक्रिय रखने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए उपयोगी माना गया है। इसे पावर जेस्चर या ब्रेन पावर मुद्रा भी कहा जाता है, जो तनाव कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक स्पष्टता लाने में मदद करती है। हाकिनी योग मुद्रा एक सरल हस्त मुद्रा है, जिसे कोई भी आसानी से कर सकता है। इसके अभ्यास के लिए व्यक्ति को सबसे पहले पद्मासन या वज्रासन में शांत मन से बैठना चाहिए। आंखें बंद कर गहरी और लंबी सांस ली जाती है, ताकि मन और शरीर दोनों शांत हो सकें। इसके बाद दोनों हाथों की पांचों उंगलियों की नोक को आपस में हल्के से जोड़ लिया जाता है। इस दौरान उंगलियों पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। अभ्यास करते समय भौहों के बीच ध्यान केंद्रित करना और मन को अनावश्यक विचारों से दूर रखना जरूरी होता है। शुरुआत में इसे दो से तीन मिनट तक किया जा सकता है और धीरे-धीरे समय बढ़ाकर पांच मिनट तक ले जाया जा सकता है। रोज सुबह खाली पेट और शाम के समय इसका अभ्यास करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हाकिनी मुद्रा के नियमित अभ्यास से ध्यान और एकाग्रता में उल्लेखनीय सुधार होता है। हाथों की उंगलियों को जोड़ने से मस्तिष्क के दोनों हिस्से सक्रिय होते हैं, जिससे याददाश्त मजबूत होती है और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो पढ़ाई, ऑफिस वर्क या मानसिक थकान से जुड़े काम करते हैं। यह मुद्रा तनाव, घबराहट और मानसिक बेचैनी को कम करने में भी सहायक मानी जाती है। जो लोग लगातार चिंता या डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, उनके लिए हाकिनी मुद्रा मानसिक शांति और संतुलन प्रदान कर सकती है। इसके अभ्यास से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और व्यक्ति अपने काम के प्रति अधिक सकारात्मक और ऊर्जावान महसूस करता है। इसके अलावा, हाकिनी योग मुद्रा नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद करती है। सुदामा/ईएमएस 05 फरवरी 2026