राष्ट्रीय
05-Feb-2026
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-सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने की सुप्रीम कोर्ट से मामले में संज्ञान लेने की अपील नई दिल्ली,(ईएमएस)। यूपी में एसआईआर में लगे एक बीएलओ को मुस्लिमों के वोट काटने के लिए धमकाने और मारपीट के मामले से सियासत गरमा दी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीएलओ का वीडियो एक्स पर पोस्ट कर सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है। अखिलेश ने यह भी लिखा कि अब किसी से उम्मीद नहीं बची है। अखिलेश यादव ने मुस्लिमों और पीडीए समाज के लोगों का वोट फार्म-7 के जरिए काटने का गंभीर आरोप लगाया। ताजा मामला इटावा का है। एक दिन पहले शिवपाल यादव भी इटावा पहुंच थे और मामले को उठाया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव ने एक्स पर बीएचओ की आप बीती सुनाते हुए वीडियो पोस्ट कर लिखा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान लें, क्योंकि और किसी से उम्मीद नहीं बची है। बीजेपी और उनके सहयोगी अपराधियों की तरह पेश आ रहे हैं। वो यूपी के बीएलओ को प्रताड़ित करके, दबाव बनाकर, धमकाकर पीडीए समाज, ख़ासतौर से अल्पसंख्यक समुदाय का वोट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर काटने की साजिश कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि एसआईआर में फार्म-7 के दुरुपयोग को तुरंत रोका जाए और हर वोटर के मत देने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए। उन्होने कहा कि बीएलओ से ज़बरदस्ती कर रहे अपराधियों के विरुध्द एफआईआर लिखवाई जाए और फास्ट ट्रैक सुनवाई हो। जब तक वैध व्यवस्था न बन जाए। फार्म-7 का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाए और अब तक जो फार्म-7 जमा हुए हैं, उन सबको रद्द किया जाए। दावा-आपत्ति की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। अखिलेश ने मांग की कि देश की जनता के वोट काटने के षड्यंत्र के पीछे कौन सी देश विरोधी ताकतें सक्रिय हैं, इसकी न्यायिक जांच हो। देश के ईमानदार पत्रकार और अधिकारी सामने आएं और देश विरोधी तकतों से लड़ने में हमारा साथ दें। अखिलेश ने पीडीए प्रहरियों से अपील करते हुए कहा कि वह हर वैध वोट बनाने-बचाने के कार्य में पूरी मुस्तैदी से लगे रहें। भाजपाइयों की धांधली को उनकी होने वाली हार की हताशा मानें और भाजपाइयों के घपलों के सबूत इकट्ठा करके उनके खिलाफ एफआईआर की तैयारी करें। सच तो ये है कि जैसे-जैसे पीडीए परिवार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भाजपाई डर रहा है। निर्वाचन आयोग के कार्य में लगे बीएलओ अश्वनी कुमार ने बीजेपी के पदाधिकारी और उसके साथियों का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि वह मंगलवार शाम वह नोटिस बांटकर लौट रहे थे, तभी कार सवार आरोपियों ने उनकी बाइक रुकवाई। उनसे मुस्लिम वर्ग के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का दबाव बनाया। बीएलओ के मना करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस दौरान आयोग के नोटिस, वोटर लिस्ट समेत अन्य दस्तावेज छीन लिए और सूचना देने पर मोबाइल तोड़ दिया गया। घायल बीएलओ ने थाना में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के प्रार्थना पत्र मिले हैं और मामले की जांच जारी है। सिराज/ईएमएस 05फरवरी26