- परिजनों के आक्रोश के बीच पुलिस ने 12 घंटे में पकड़ा कातिल - शराब के विवाद ने ली थी रतिराम की जान गुना (ईएमएस) म्याना थाना क्षेत्र के ग्राम भदौरा में बुधवार सुबह हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी इंद्रभान खंगार को गिरफ्तार कर लिया है। जिस निर्मम हत्या को लेकर पूरे इलाके में दहशत थी और परिजनों ने चक्काजाम कर सीबीआई जांच की मांग की थी, उसका कारण महज शराब पीने के दौरान हुआ एक मामूली विवाद निकला। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। मात्र 12 घंटे में सुलझी मर्डर मिस्ट्री 4 फरवरी की सुबह ग्राम भदौरा के बड़े मंदिर के पीछे गौशाला रोड पर रतिराम कुशवाह (50) का सिर कटा शव मिलने से हड़कंप मच गया था। शव झाड़ियों में ऐसी स्थिति में पड़ा था कि सिर धड़ से लगभग अलग हो चुका था। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी गुना विवेक अष्ठाना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूक्ष्म निरीक्षण के आधार पर संदेहियों की धरपकड़ शुरू की। महज 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस आरोपी इंद्रभान पुत्र अमानसिंह खंगार (45 वर्ष) तक पहुँच गई। शराब के नशे में चढ़ा खून, कुल्हाड़ी से किया वार पूछताछ और साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि मंगलवार की रात रतिराम और इंद्रभान के बीच शराब की पार्टी हुई थी। शराब के नशे में धुत होने के बाद दोनों के बीच एक और पेग लेने और किसी पुरानी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि इंद्रभान ने तैश में आकर कुल्हाड़ी से रतिराम की गर्दन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए, जिससे रतिराम की मौके पर ही मौत हो गई। गौरतलब है कि शुरुआती जांच में परिजन किसी पर शंका जाहिर नहीं कर पा रहे थे, लेकिन पुलिस की पेशेवर दक्षता ने असली कातिल को बेनकाब कर दिया। चक्काजाम के बाद पुलिस पर था भारी दबाव बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने एम्बुलेंस न मिलने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हनुमान चौराहे पर ट्रैक्टर अड़ाकर चक्काजाम कर दिया था। परिजनों के कड़े तेवर और सीबीआई जांच की मांग के बीच पुलिस के लिए यह केस बड़ी चुनौती बन गया था। पुलिस की इस त्वरित कामयाबी से न केवल परिजनों को संतोष मिला है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी जनता का विश्वास बढ़ा है। इनकी रही सराहनीय भूमिका इस चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल का खुलासा करने वाली टीम में निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार, ऊमरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रचना खत्री, सउनि शिवनंदन रघुवंशी, विजय सिंह परिहार, वासुदेव रावत, कैलाश डाण्डे, प्रधान आरक्षक सतीश जैन, सुजीत सिकरवार, प्रदीप रघुवंशी, भानु तोमर, अखिल शर्मा, लालाराम प्रजापति, अशोक गुर्जर, वीरभान सिंह, आरक्षक देवेन्द्र जाटव, शिवकुमार वर्मा, सुनील यादव, मुनेश जाटव एवं सचिन रघुवंशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सीताराम नाटानी