रांची(ईएमएस)।राज्य में हाथियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा। बोकारो जिले में गुरुवार को हाथियों के झुंड ने एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचलकर मार डाला। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना महुआडांड़ थाना के अंतर्गत बरकीपुन्नू गांव में सुबह करीब 3 बजे हुई।बोकारो के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर संदीप शिंदे ने पीटीआई को बताया कि हाथियों के झुंड ने धान के लिए उनके घर पर हमला किया और उसके एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया। जब तीनों ने भागने की कोशिश की तो हाथियों ने घर के बाहर उन्हें कुचलकर मार डाला। उन्होंने बताया कि हाथियों का झुंड कई दिनों से बरकीपुन्नू इलाके में घूम रहा था। शिंदे ने कहा कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान 65 साल के गंगा कर्माली, 62 साल की उनकी पत्नी कमली देवी और 65 साल की उनकी भाभी भगिया देवी के रूप में हुई है। शिंदे ने बताया कि 18 जनवरी को इसी महुआटांड पुलिस थाना इलाके में एक हाथी ने एक सब्जी विक्रेता को कुचलकर मार डाला था, जब वह घर जा रहा था।हाथियों के हमले को देखते हुए झारखंड के जिले के पांच गांवों में लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इन इलाकों में 18 हाथियों का एक झुंड घूम रहा है। गुमला के अनुमंडल अधिकारी ने बताया कि भरनो थाना क्षेत्र के सुपा, मालगांव, मोरगांव, बुढीपाट और महुआटोली गांव में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगाया गया है। इसके तहत जिन इलाकों में हाथियों का झुंड मौजूद है, वहां पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने और सड़कों को अवरुद्ध करने पर रोक रहेगी।इसके अलावा इन क्षेत्रों में लाइसेंसी हथियार, अग्नेयास्त्र या विस्फोटक सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वन विभाग ने एक अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से अब तक राज्य में हाथियों के हमले में 28 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पश्चिम सिंहभूम जिले में एक हाथी 20 लोगों की जान ले चुका है। कर्मवीर सिंह/05फरवरी/26