राष्ट्रीय
05-Feb-2026
...


* सात सिम बॉक्स सहित 136 एंड्रॉयड फोन व सिम जब्त * सिम विक्रेता के माध्यम से भारी संख्या में हुई सिम की खरीद * सरगना ने काठमांडू में सीखा साइबर अपराध के गुड़ मधुबनी, (ईएमएस)। अंतरराष्ट्रीय साइबर सेलिवरी के नेटवर्क का खुलासा गुरुवार को बिहार के मधुबनी नगर थाना क्षेत्र में हुआ। एसपी योगेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि नगर थाना क्षेत्र के तिरहुत कॉलोनी के एक घर से इस रैकेट को चलाया जा रहा था। साइबर सेलिवरी के नेटवर्क के खुलासा में स्थानीय सिम विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहा। बुधवार से ही साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, सीमा सशस्त्र बल, डीआईओ, नगर थाना एवं टेलीकॉम डिपार्टमेंट द्वारा संयुक्त रूप से इस कार्रवाई के उद्भेदन में शामिल थे। इस मामले में सरगना मनदीप सिंह एवं रौशन कुमार कामती के साथ दो सिम विक्रेता विकास कुमार एवं मोहम्मद अहसान को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी मनदीप सिंह के घर से 7 सिम बॉक्स में रखें 136 एंड्राइड मोबाइल, 136 सिम कार्ड, वाई-फाई केवल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ 1,68,000 रुपया बरामद किया गया है। एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी कंबोडिया, चीन, थाईलैंड, म्यांमार, वियतनाम, नेपाल सहित अन्य कई देशों से सिम बॉक्स के माध्यम से देश के भोले भाले लोगों को साइबर अपराध की घटना को अंजाम दे रहे थे। साइबर अरेस्ट की घटना भी सिम बॉक्स के माध्यम से कर रहे थे। गिरफ्तार मुख्य अपराधी का क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करने के प्रमाण मिले हैं जिसकी जांच की जा रही है। विदेश के नंबर से आने वाले फोन पर लोग फोन नहीं उठाएंगे इसलिए सिम बॉक्स के माध्यम से भारतीय मोबाइल नंबरों से फोन कर साइबर अपराध की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। इस घटना के उद्भेदन में डीएसपी साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई पंकज कुमार के साथ पांच सदस्यीय टीम की सराहनीय भूमिका रहा। - क्या है मामला ? दो सिम विक्रेता साइबर फ्रॉड मनजीत सिंह को ऊंची कीमत पर भोले भाले गरीब महिला व पुरुष के नाम से लिए हुए सिम बेचते थे। 700 से 1000 रुपये में सिम विक्रेता साइबर फ्रॉड के हाथों सिम बेचा करते थे। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण पूर्व एशिया के स्कैम कंपाउंड्स के के मायावाड़ी म्यांमार, स्मोक विले कंबोडिया के साइबर सैलरी नेटवर्क के माध्यम से साइबर अपराधी कार्य करते थे। * सिम बॉक्स में लगे मोबाइल को विदेश से इंटरनेट के माध्यम से जोड़ते थे साइबर अपराधी मनजीत सिंह एवं रौशन कामती तिरहुत कॉलोनी स्थित अपने घर से इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े मोबाइल को सिम बॉक्स को विदेश से जोड़ते थे। कंबोडिया, म्यांमार, चीन सहित अन्य देशों में बंधक बनाए गए युवाओं से साइबर फ्रॉड की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि साइबर अपराध की घटना को तोड़ने में यह उद्वेदन अहम साबित होगा। जिला में चल रहे इस रैकेट से कितने लोगों के साथ साइबर फ्रॉड की घटना की गई या फिर कितने हाउस अरेस्ट कर लोगों को डरा धमका कर रुपया फ्रॉड करने की घटना को अंजाम दिया गया है इसकी जानकारी जांच करने के बाद ही पता चलेगा। * सरगना ने काठमांडू में सीखें साइबर अपराध के तरीके पुलिस से पूछताछ में साइबर अपराधी मनजीत सिंह ने बताया कि चार महीना पहले वह काठमांडू गया था वहां एक होटल में उसने साइबर फ्रॉड से संबंधित सिम बॉक्स के बारे में एक व्यक्ति से जानकारी मिली। इसके बाद मधुबनी आकर उन्होंने सिम बॉक्स के लिए धीरे-धीरे सेकंड हैंड मोबाइल खरीदना शुरू किया। सिम विक्रेताओं से सिम की खरीद ऊंचे दामों पर किया। 136 मोबाइल एवं इतने ही सिम उन्होंने सिम बॉक्स में लगाया था। इस मामले के उद्वेदन में साइबर अपराध सुरक्षा इकाई के डीएसपी पंकज कुमार, इंस्पेक्टर रजनीश केसरी, एएसआई राजेश कुमार ,हरेंद्र कुमार, विजय मुर्मू, टाउन थाना अध्यक्ष मनोज कुमार, साइबर थाना के थाना इंस्पेक्टर मनोज कुमार, मुकुल रंजन, डीआईओ के एसआई सपन कुमार, नदीम कुमार, मनोहर कुमार ,अविनाश कुमार, सुनील कुमार, सुरेश कुमार एवं सिंटू कुमार का अहम योगदान रहा। (फोटो: प्रेस को जानकारी देते एसपी योगेंद्र कुमार, साइबर अपराधी के घर से बरामद सिम बॉक्स, गिरफ्तार साइबर अपराधी तथा नगर थाना पर जांच करते साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के डीएसपी पंकज कुमार) कार्तिक कुमार/संतोष झा- ०५ फरवरी/२०२६/ईएमएस