राष्ट्रीय
05-Feb-2026
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-लोकसभा स्पीकर की टिप्पणी पर विपक्ष का तीखा हमला नई दिल्ली,(ईएमएस)। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में पैदा हुए गतिरोध और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बयान को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार को स्पीकर की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री लोकसभा स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस सांसदों द्वारा पीएम को नुकसान पहुंचाने की किसी भी साजिश के दावे को पूरी तरह झूठा करार दिया। दरअसल, बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में जवाब देना था, लेकिन विपक्षी दलों के हंगामे के चलते उनका संबोधन टल गया। इसके बाद गुरुवार को लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने कहा, कि उन्हें बेहद दुख के साथ सदन को यह बताना पड़ रहा है कि उनके चैंबर में कुछ विपक्षी सदस्यों का व्यवहार अभूतपूर्व और काले धब्बे जैसा था। स्पीकर ने दावा किया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कांग्रेस के कुछ सांसद प्रधानमंत्री के साथ कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं, जिसके बाद उन्होंने नेता सदन से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री सदन में न आएं। स्पीकर के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री पर हाथ उठाने, उन्हें चोट पहुंचाने या किसी तरह की हिंसा की योजना का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, यह पूरी तरह झूठ है। किसी ने ऐसी कोई योजना नहीं बनाई थी। इस तरह का बयान देना सरासर गलत है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार स्पीकर से इस तरह की बातें इसलिए कहलवा रही हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री में बुधवार को सदन में आने का साहस नहीं था। उन्होंने कहा, कि मुझे खेद है, पीएम स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। वे स्पीकर से यह सब कहलवा रहे हैं, क्योंकि कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर तीन महिला सांसद प्रधानमंत्री के पास जाकर खड़ी हो गईं, तो क्या इससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो गया, यह कैसी बेतुकी बात है। कांग्रेस महासचिव ने स्पीकर द्वारा विपक्षी सांसदों के आचरण को काला धब्बा बताए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता पक्ष को किताबों के उदाहरण देने और मनचाही बातें करने की छूट मिलेगी, तो विपक्ष विरोध करेगा ही। प्रियंका ने मीडिया से सवाल किया कि वे सरकार और गृह मंत्री अमित शाह से यह क्यों नहीं पूछते कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि किसी सार्वजनिक स्रोत या किताब का हवाला देने से रोकने का क्या आधार है और क्या सरकार इस पर कोई स्पष्ट जवाब देगी। हिदायत/ईएमएस 05फरवरी26