- बिटकॉइन गुरुवार के मुकाबले 9 फीसदी और गिरकर 65,000 डालर के आसपास मुंबई (ईएमएस)। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पिछले दो दिनों से भारी अस्थिरता देखी जा रही है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन गुरुवार को 12.6 फीसदी गिरकर 63,300 डालर तक पहुंच गई, जो अक्टूबर 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है। शुक्रवार को बिटकॉइन करीब 9 फीसदी और गिरकर 65,000 डालर के आसपास ट्रेड करने लगी। इस हफ्ते बिटकॉइन में कुल 17 फीसदी और साल 2026 में अब तक 28 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ईथर भी दबाव में रही और एक दिन में 13 फीसदी से अधिक गिर गई, जबकि साल 2026 में इसमें करीब 38 फीसदी की गिरावट हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की जोखिम से दूरी, भारी लिक्विडेशन और अमेरिकी मौद्रिक नीति में सख्ती की आशंकाओं ने बाजार को झटका दिया। कॉइनग्लास के आंकड़ों के मुताबिक केवल 24 घंटों में 1 बिलियन डालर के बिटकॉइन पोजीशन जबरन बंद हुए। इसके अलावा टेक शेयरों में कमजोरी और सोना-चांदी जैसी संपत्तियों में अस्थिरता ने बाजार दबाव और बढ़ाया। संस्थागत निवेशकों द्वारा क्रिप्टो ईटीएफ से लगातार निकासी भी गिरावट का बड़ा कारण बनी है। डॉयचे बैंक के अनुसार, जनवरी में अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से 3 बिलियन डालर से ज्यादा निकासी हुई। बाजार के जानकारों के अनुसार, क्रिप्टो बाजार फिलहाल कैपिटुलेशन मोड में है। यह केवल अल्पकालिक सुधार नहीं बल्कि बड़े रीसेट की शुरुआत हो सकता है, जो कई महीनों तक चल सकता है। गिरावट जारी रहने पर माइनर्स पर दबाव बढ़ सकता है और जबरन लिक्विडेशन का जोखिम फिर से बढ़ सकता है। सतीश मोरे/06फरवरी ---