नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को रियल एस्टेट क्षेत्र के वित्तपोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैंकों को रील एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) को ऋण देने की अनुमति देने का प्रस्ताव पेश किया। इस कदम के पीछे मकसद है निवेशकों और बैंकों दोनों के लिए वित्तीय तरलता बढ़ाना। रीट ऐसे निवेश माध्यम हैं जो आय उत्पन्न करने वाली रियल एस्टेट संपत्तियों के मालिक होते हैं या उनका संचालन करते हैं। निवेशक सीधे संपत्ति खरीदे बिना संपत्ति से होने वाली आय में हिस्सा ले सकते हैं। भारत में रीट और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की अवधारणा संस्थागत और खुदरा निवेशकों के कोष के माध्यम से निवेश पुनर्वित्त करने और बैंकों के फंसे कोष को मुक्त करने के लिए बनाई गई थी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति में कहा कि कुछ विवेकपूर्ण सुरक्षा उपायों के साथ बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में, केवल इरविट को बैंक ऋण की अनुमति है, जबकि रीट को यह अनुमति नहीं थी। प्रस्तावित कदम में रीट को ऋण देने के लिए मौजूदा दिशानिर्देशों को इनविट के समान किया जाएगा। सतीश मोरे/06फरवरी ---