राज्य
06-Feb-2026


* ‘परीक्षा पे चर्चा-2026’ में विद्यार्थियों को मिला प्रेरणादायी मार्गदर्शन, मोबाइल लत से बचने की दी सीख गांधीनगर (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर मौजूद डर और असफलता का भय दूर करने की प्रेरणा देने वाला लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ देशभर में शुरू करवाया है। प्रधानमंत्री पिछले 8 वर्षों से विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं सहित वार्षिक परीक्षाओं से पहले इस उपक्रम में ‘परीक्षा पे चर्चा’ का गहन मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। इस वर्ष शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गांधीनगर के सुघड स्थित आनंद निकेतन स्कूल के छात्रों के साथ सहभागी हुए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा, गांधीनगर की महापौर मीराबेन पटेल, विधायक रीटाबेन पटेल, विधायक अल्पेश ठाकोर, जिला पंचायत प्रमुख शिल्पाबेन पटेल, शहर भाजपा अध्यक्ष डॉ. आशीष दवे तथा कई पदाधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कक्षा 10 एवं 12 की बोर्ड परीक्षा देने वाले बच्चों को सफलता की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परीक्षा जीवन की कसौटी नहीं है, बल्कि हमारी मेहनत का प्रतिबिंब है और तनाव को सफलता में बदलने का प्लेटफॉर्म है। उन्होंने डिप्रेशन में आए बिना जीवन का संतुलन बनाए रखते हुए किसी भी परिस्थिति में स्वस्थ मन से आगे बढ़ने के लिए विद्यार्थियों से अनुरोध किया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वर्तमान समय में विद्यार्थियों में बढ़ रही मोबाइल फोन की लत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसे बच्चे पढ़ाई, अध्ययन और खेल कूद का समय तथा टाइम टेबल तय करते हैं, वैसे ही मोबाइल देखने का भी निश्चित समय तय करें और छात्रों को सीख भी दी कि मोबाइल की आदत विकसित न करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 के संकल्प में राष्ट्रहित प्रथम का भाव हृदय में रखते हुए विद्यार्थियों को भावी नागरिक के रूप में अपना दायित्व निभाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा परीक्षा के तनाव से बच्चों को मुक्त रखने के लिए शुरू किया गया ‘परीक्षा पे चर्चा’ का यह नूतन दृष्टिकोण अब बच्चों के लिए एक प्रेरणात्मक कार्यक्रम बन गया है। मुख्यमंत्री ने गौरवपूर्वक उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर वर्ष परीक्षा से पहले बच्चों के बीच जाकर ‘परीक्षा पे चर्चा’ के अंतर्गत प्रत्यक्ष संवाद कर उन्हें बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा देने वाले संभवतः विश्व के एकमात्र नेता होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा-2026’ के समारोह के अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विद्यार्थियों में संस्कार, समझ और सदाचार; इन तीन ‘एस’ का निर्माण हो, इसके लिए ‘परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम’ की शुरुआत की थी। विद्यार्थियों के कौशल को प्रोत्साहित करने के साथ प्रधानमंत्री से सीधे संवाद से विद्यार्थी चिंतामुक्त, दबाव से बाहर रहकर पढ़ाई को अपनाने लगे हैं। शिक्षा मंत्री ने यह भी जोड़ा कि शिक्षा का अर्थ केवल परीक्षा नहीं है। शिक्षा जीवन जीने की कला सिखाती है, इसलिए परीक्षा अंतिम लक्ष्य नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ तनाव मुक्त वातावरण में परीक्षा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नैतिकता की स्थापना एवं चेतना के साथ विद्यार्थियों में सकारात्मक विचार उत्पन्न हों, इसके लिए ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को माध्यम बनाया है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और विद्यार्थियों से परीक्षा को आनंदपूर्वक एक अवसर के रूप में लेने का अनुरोध किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मिलिंद तोरवणे, गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एम. ए. पंड्या, कलेक्टर मेहुल दवे, जिला विकास अधिकारी बी. जे. पटेल, आनंद निकेतन स्कूल के ट्रस्टी विवेक पटेल तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित रहे। सतीश/06 फरवरी