ज़रा हटके
07-Feb-2026
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लंदन (ईएमएस)। तेजी से बदलते नौकरी बाजार में कंपनियां अब कृत्रिम मेधा (एआई) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में 71प्रतिशत नियोक्ताओं का कहना है कि एआई की मदद से उन्हें सही कौशल वाले उम्मीदवारों और छिपी प्रतिभाओं को पहचानने में आसानी हुई है। रिपोर्ट बताती है कि 80प्रतिशत नियोक्ता मानते हैं कि एआई की वजह से उम्मीदवारों के कौशल को आंकना सरल हुआ है, जबकि 76प्रतिशत नियोक्ताओं का कहना है कि एआई भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में मदद कर रहा है। यह अध्ययन नवंबर 2025 में किए गए सर्वे पर आधारित है, जिसमें 19,113 भारतीय उपभोक्ताओं और 6,554 वैश्विक एचआर पेशेवरों की राय शामिल की गई है। हालांकि भारत में भर्ती बाजार तेजी से बढ़ रहा है, फिर भी 74प्रतिशत नियोक्ताओं को योग्य उम्मीदवार खोजने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। महामारी से पहले की तुलना में भारत में नियुक्ति गतिविधि फिलहाल लगभग 40प्रतिशत अधिक है। नियोक्ताओं का कहना है कि एआई-जनित आवेदनों में तेजी, मांग वाले कौशल की कमी और कम गुणवत्ता वाले आवेदनों को छांटने में लगने वाला समय बड़ी चुनौतियां हैं। लगभग 48प्रतिशत नियोक्ता मानते हैं कि सही और भ्रामक आवेदनों के बीच अंतर करना मुश्किल हो रहा है, लेकिन एआई इस प्रक्रिया को काफी सरल बना रहा है। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि आने वाले समय में एआई का इस्तेमाल भर्ती क्षेत्र में और बढ़ेगा। लगभग 80प्रतिशत भारतीय नियोक्ता भविष्य में एआई आधारित टूल्स का इस्तेमाल भर्ती लक्ष्यों, उम्मीदवार मूल्यांकन और उच्च गुणवत्ता वाले टैलेंट तक पहुंच बढ़ाने के लिए करने की योजना बना रहे हैं। कंपनियों का मानना है कि एआई न केवल प्रक्रिया को तेज बनाता है, बल्कि बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों के बीच गुणवत्तापूर्ण उम्मीदवारों को पहचानने में भी मददगार है। आवेदकों के लिए इसका सीधा संदेश है कि अब नौकरी के लिए आवेदन करते समय पहले से कहीं अधिक सावधानी और तैयारी की जरूरत होगी। एआई की मौजूदगी में कंपनियां उम्मीदवार की ताकत, कमजोरियां, कौशल और व्यवहार को आसानी से पहचान सकती हैं। ऐसे में युवा उम्मीदवारों को अपनी क्षमताओं को स्पष्ट, पेशेवर और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की रणनीति अपनानी होगी। बदलते दौर में तकनीक के साथ तालमेल रखकर ही वे प्रतिस्पर्धा में आगे रह पाएंगे। नौकरी पाने के इच्छुक युवाओं के लिए अपनी क्षमता साबित करना पहले से अधिक कठिन हो सकता है, क्योंकि एआई उनकी योग्यता के हर पहलू का बारीकी से मूल्यांकन करने में सक्षम है। सुदामा/ईएमएस 07 फरवरी 2026