जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किए आदेश छिन्दवाड़ा (ईएमएस)। स्कूल बसों मे होने वाली लापरवाही को लेकर अब शिक्षा विभाग सख्त हो गया हैं इसे लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने ६ फरवरी को सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को आदेश जारी किए हैं जिसमें परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए है। जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने दो टूक शब्दों में निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि स्कूल बसों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी स्कूलों को मोटरयान अधिनियम 1989 एवं शासन द्वारा निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।जारी आदेश में कहा गया है कि कई स्थानों से स्कूल वाहनों में ओवरलोडिंग, सुरक्षा उपकरणों की कमी तथा आवश्यक दस्तावेजों के अभाव की शिकायतें सामने आई हैं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी संस्थाओं को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बसों में इन नियमों का पालन अनिवार्य १. बसों में स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र एवं प्राथमिक उपचार पेटी कार्यशील स्थिति में अनिवार्य होनी चाहिए। २. स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिए। ३. निर्धारित सीट क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर रोक। ४. बसों की खिड़कियों में आड़ी पट्टीयां, ग्रिल अनिवार्य रूप से लगी होनी चाहिए। ५. चालक के पास वैध लाइसेंस एवं निर्धारित अनुभव अनिवार्य। ६. वाहन का फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित सभी दस्तावेज अद्यतन होना जरूरी। स्कूलों को पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों और संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विद्यालय में संचालित वाहनों की तत्काल जांच कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि वह सम्पूर्ण ब्यौरा रखें कि कौन सा बच्चा किस वाहन से स्कूल आ रहा है। स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को लाने ले जाने वाले समस्त वाहनों के आवश्यक दस्तावेज जैसे ड्राइविंग लाइसेंस , पुलिस वेरिफिकेशन, वाहन का रजिस्ट्रेशन , फिटनेस , परमिट, बीमा, पीयूसी प्रमाण पत्र को एक सेट विद्यालय में रखे। ईएमएस/मोहने/ 07 फरवरी 2026