क्षेत्रीय
07-Feb-2026


छिन्दवाड़ा (ईएमएस)। छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ के ऑर्थोपेडिक विभाग ने एक और बड़ी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। यहां डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच जैसी अत्याधुनिक तकनीक से हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस तकनीक के माध्यम से जिले में पहली बार मांसपेशियों को बिना काटे हिप रिप्लेसमेंट किया गया है।जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय मरीज जितेन्द्र, निवासी कुण्डलीकला, लंबे समय से हिप की गंभीर समस्या से पीड़ित थे। उनका उपचार मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ७ फरवरी को ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष शैलेन्द्र सैयाम के मार्गदर्शन में मुख्य सर्जन अमित रहांगडाले द्वारा की गई।सर्जरी टीम में मोरिन दया जॉय, सर्वज्ञ जैन, राहुल जमरे और विपिन रघुवंशी शामिल रहे, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से सोनाली त्रिपाठी ने संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया सेवाएं प्रदान कीं। चिकित्सकों की समन्वित टीमवर्क के चलते सर्जरी पूरी तरह सफल रही।उन्होंने बताया कि डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच तकनीक से की गई हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में मांसपेशियों को क्षति नहीं पहुंचती, जिससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलता है। ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद मरीज चलने-फिरने में सक्षम हो गया।सिम्स में इस उन्नत सर्जरी की सफलता से जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अब बड़े महानगरों जैसी आधुनिक ऑर्थोपेडिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाती है। ईएमएस/मोहने/ 07 फरवरी 2026