क्षेत्रीय
07-Feb-2026


फीस की लालच में बार बार दी जा रही सप्लीमेंट्री, विद्यार्थियों में आक्रोश छिन्दवाड़ा (ईएमएस)। पीजी कॉलेज प्रबंधन मुनाफे के लिए लम्बे समय से छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। हर बार परीक्षा फीस वसूलने के चलते प्रबंधन विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री दे देता है। यह एक बार का खेल नहीं बल्कि पिछले दो सालों से प्रबंधन इसी तरह का काम कर रहा है। ऐसे आरोप विद्यार्थियों के द्वारा लगाए जा रहे है। विद्यार्थियों ने बताया है कि प्रबंधन द्वारा हर बार बच्चों को एक दो नंबरों से फेल कर दिया जाता है। इसके बाद उनसे सप्लीमेंट्री के फार्म भराए जात है। जिससे कॉलेज के कमाई होती है। इसी वजह से हर बार मूल्यांकन कार्य में लापरवाही करते हुए प्रबंधन ऐसा करता है। विद्यार्थियों सहित छात्र संगठनों द्वारा कई बार इसका विरोध किया जा चुका है लेकिन प्रबंधन ने कभी व्यवस्था सुधार की ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया। विद्यार्थियों का कहना है कि कई बार हमने प्रबंधन से उत्तरपुस्तिका दिखाने के लिए आवेदन किए है, वहीं उत्तरपुस्किता की जांच विद्यार्थियों के सामने करने की बात कहीं है लेकिन प्रबंधन ने कभी इस ओर भी ध्यान नहीं दिया। प्रमोशन शुल्क लेकर दे दिया जाता है एडमिशनर विद्यार्थियों ने बताया है कि अगर प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री आती है तो वह प्रमोशन शुल्क जमा कर द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले सकते है। लेकिन अगर उन्हे द्वितीय वर्ष में भी सप्लीमेंट्री आती है तो वह द्वितीय वर्ष की परीक्षा में नहीं बैठ सकते है। लेकिन प्रबंधन द्वारा प्रमोशन शुल्क की लालच में उन्हे प्रवेश दे दिया जाता है। बच्चों से प्रोजेक्ट भी जमा करवा लिए जाते है। बाद में परीक्षा में बैठने से मना कर दिया जाता है। जोकि गलत है। एनएसयूआई ने सौंपा ज्ञापन---- फोटो ... इसी लापरवाही को लेकर शनिवार को एनएसयूआई द्वारा प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा है। एनएसयूआई ने बताया है कि कॉलेज प्रबंधन बच्चोंं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। मूल्यांकन कार्य में लापरवाही करते हुए बच्चों को बार बार सप्लीमेंट्री दी जा रही है। वहीं उन्होंने द्वितीय वर्ष की परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रबंधन से मांगी है। एनएसयूआई का कहना है कि जब बच्चों से प्रमोशन फीस लेकर प्रवेश दिया गया है तो उन्हे परीक्षा में बैठने की अनुमति भी प्रदान की जाए। ईएमएस/मोहने/ 07 फरवरी 2026