अंतर्राष्ट्रीय
08-Feb-2026


रमेशचंद्र सेन को पिछले साल 16 अगस्त को किया था गिरफ्तार ढाका,(ईएमएस)। बांग्लादेश में चुनाव सिर पर है और देश में अल्पसंख्यकों पर हमले नहीं रुक रहे हैं। चुनाव से पहले कई पार्टी के नेताओं की हत्या हो चुकी है। हाल ही में बांग्लादेश के पूर्व मंत्री और सीनियर अवामी लीग नेता रमेशचंद्र सेन को लेकर खबर आ रही है कि शनिवार को दिनाजपुर जिला जेल में पुलिस कस्टडी में उनकी मौत हो गई। दावा किया गया कि रमेश चंद्र सेन बीमार थे लेकिन जेलों में अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों की मौतों ने सरकार और पुलिस पर सवाल खड़ा कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले काफी समय से बांग्लादेश की जेलों में अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों की हिरासत में मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसके बाद में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत राजनीतिक दमन और टारगेटेड कार्रवाई के आरोप और तेज हो गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अगस्त 2024 से अब तक अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के कम से कम 30 से 40 वरिष्ठ नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं की जेल या पुलिस हिरासत में मौत हो चुकी है। बता दें सेन पहले जल संसाधन मंत्री थे और ठाकुरगांव-1 निर्वाचन क्षेत्र से सांसद थे। उन्हें शनिवार सुबह दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बांग्लादेश के अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक वह सुबह बीमार हो गए और उन्हें जिला जेल से अस्पताल ले जाया गया। जेल प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि सेन को पिछले साल 16 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें दिनाजपुर जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। खबर यह भी है कि उन पर तीन अलग-अलग मामले चल रहे थे, जिसमें एक हत्या से जुड़ा केस भी शामिल था। जेल अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें रमेश चंद्र सेन का जन्म 30 अप्रैल, 1940 को ठाकुरगांव जिले के सदर उपजिला के रुहिया यूनियन के तहत कशलगांव गांव में हुआ था। वह क्षितिंद्र मोहन सेन और बालेश्वरी सेन के बेटे थे। पब्लिक लाइफ और पॉलिटिक्स में आने से पहले उन्होंने रंगपुर कारमाइकल कॉलेज से हायर एजुकेशन पूरी की। अपने राजनीतिक सफर के दौरान सेन पांच बार बांग्लादेश पार्लियामेंट के लिए चुने गए। हाल ही में, उन्होंने बांग्लादेश अवामी लीग से नॉमिनेशन मिलने के बाद 2024 में संसदीय सीट हासिल की। 2024 में बड़े पैमाने पर छात्रों और जनता की बगावत के बीच अवामी लीग सरकार गिरने के बाद उनका संसदीय कार्यकाल खत्म हो गया था। सिराज/ईएमएस 08फरवरी26