राज्य
09-Feb-2026
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अलीगढ़ (ईएमएस)। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत शैक्षिक सत्र 2026-27 में दुर्बल वर्ग, वंचित समूह एवं अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आरटीई के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बच्चे को निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिलना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार को निर्देशित किया कि आवेदन प्राप्त करने, सत्यापन, लॉकिंग, लॉटरी प्रक्रिया और विद्यालयों द्वारा नामांकन की निर्धारित तिथियों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अभिभावकों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानकों एवं समय-सारिणी की समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। बैठक में बताया गया कि आरटीई के तहत पूरी प्रक्रिया तीन चरणों मे पूरी की जाएगी। प्रथम चरण की आवेदन प्रक्रिया 2 से 16 फरवरी तक चलेगी, दूसरा चरण 21 फरवरी से 7 मॉर्च और तीसरा चरण 12 मॉर्च से 25 मॉर्च तक संपन्न कराई जाएगी। अब तक कुल 3404 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं जोकि निरन्तर प्राप्त हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विगत वर्ष की तुलना में अधिक आवेदन प्राप्त करते हुए अधिकाधिक पात्र बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने अवगत कराया कि विगत शैक्षिक सत्र में 359 विद्यालय में 2876 पात्र विद्यार्थियों को आरटीई के अंतर्गत प्रवेश दिलाया गया था। जिले भर में 1750 से अधिक विद्यालय पंजिकृत हैं। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने अधिकारियों को योजना के बारे में अभिभावकों के मध्य जनजागरूकता बढ़ाने, सूचना पटों एवं विभिन्न माध्यमों के जरिए आवेदन की अंतिम तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश देते हुए कहा कि आरटीई कानून समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक सशक्त माध्यम है और इसका प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक पूरन सिंह, खण्ड शिक्षा अधिकारी सहित निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। ईएमएस/धर्मेन्द्र राघव/ 09 फरवरी 2026