राज्य
10-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन को निर्देश दिया है कि कथित मेडिकल लापरवाही से जुड़ी शिकायत को छह महीने के अंदर किसी निर्णय तक पहुंचाया जाए। यह मामला सिंगापुर में रहने वाली भारतीय महिला वी। अनीथा की मौत से जुड़ा है, जिन्हें सितंबर 2021 में लिपोसक्शन सर्जरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर फरीदाबाद के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट में मृतका की मां रंजकम इंद्रा विश्वनाथन ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत कथित रूप से गलत तरीके से की गई लिपोसक्शन सर्जरी के कारण हुई, लेकिन कई साल तक शिकायत करने के बावजूद मेडिकल नियामकों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अनीथा की सर्जरी दिल्ली के एसडीए स्थित डेजायर क्लिनिक में डॉ. प्रशांत यादव द्वारा की गई थी। याचिका में कहा गया है कि सर्जरी मानक चिकित्सा नियमों के विपरीत की गई और बाद में कई संदिग्ध परिस्थितियां सामने आईं। दिल्ली हाई कोर्ट में सवाल उठाया गया कि तबीयत बिगड़ने पर अनीथा को नजदीकी बड़े अस्पताल जैसे एम्स या सफदरजंग ले जाने के बजाय करीब 27 किलोमीटर दूर फरीदाबाद के वेदांता अस्पताल क्यों ले जाया गया? जिस पर याचिका में फरीदाबाद अस्पताल के मेडिकल लीगल केस का हवाला देते हुए कहा गया कि दस्तावेजों में विरोधाभास है एक जगह मरीज को बेहोश बताया गया जबकि दूसरी जगह एम्स ब्राॅट डैड लिखा है। परिवार के मुताबिक उन्होंने एफआइआर दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन मेडिकल लापरवाही के मामलों में पहले मेडिकल जांच जरूरी होने के कारण पुलिस ने मना कर दिया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/10/फरवरी/2026