राष्ट्रीय
12-Feb-2026
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-सख्त सुरक्षा के चलते किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा नई दिल्ली,(ईएमएस)। बॉलीवुड कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों तिहाड़ जेल में हैं। एक्टर को करीब 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने ये सजा सुनाई है, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा। जेल की सलाखों के पीछे राजपाल यादव को अब बॉलीवुड की मदद मिल रही है, लेकिन फिलहाल तो वह आम कैदी की तरह तिहाड़ की जेल नंबर 2 में वक्त काट रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है। ये वहीं जेल नंबर 2 है और उस बैरक में हैं, जहां कभी छोटा राजन और नीरज बवाना जैसे गैंगस्टर्स को रखा गया था। बताया जाता है कि राजपाल भी ज्यादातर वक्त शांत रहते हैं और कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं। तिहाड़ एशिया की सबसे बड़ी जेलों में गिनी जाती है और यहां कैदियों के लिए तय नियम बेहद सख्त होते हैं। किसी भी बंदी की तरह राजपाल को भी जेल मैनुअल के मुताबिक ही रहना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक सुबह ठीक 6 बजे राजपाल बैरक से बाहर आते हैं, जहां उन्हें नित्य क्रिया के बाद चाय और नाश्ता दिया जाता है। दिन भर जेल के अंदर रहने के बाद शाम 6 बजे उन्हें रात का खाना दिया जाता है। खाने-पीने की व्यवस्था जेल की ओर से तय मेन्यू के मुताबिक मिलती है, जिसमें दाल, सब्जी, रोटी और चावल शामिल हैं। हाई सिक्योरिटी वार्ड होने के कारण जेल के अन्य कैदी उनसे मिलने को उत्सुक रहते हैं, लेकिन सख्त सुरक्षा के चलते किसी को भी उनके पास नहीं आने दिया जा रहा है। एक्टर का इस तरह जेल में होना उनके फैंस के लिए चौंकाने वाला है, लेकिन तिहाड़ में नियम सबके लिए समान हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कानूनी मोर्चे पर आगे क्या होता है और कब तक उन्हें राहत मिलती है। बता दें राजपाल ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब पांच करोड़ रुपए उधार लिए थे1 फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, जिससे भारी नुकसान हुआ1 लोन चुकाने में असमर्थ होने पर ब्याज और पेनल्टी बढ़ते गए और आउटस्टैंडिंग अमाउंट करीब 9 करोड़ हो गया। राजपाल ने कई चेक जारी किए, लेकिन वे डिसऑनर हो गए, जिससे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत क्रिमिनल केस दर्ज हुआ। सिराज/ईएमएस 12फरवरी26