* गांधीनगर में मंत्री अर्जुन मोढवाड़िया ने किया ‘अक्षर दृष्टि’ पोर्टल लॉन्च; डिजिटल इंडिया के तहत बहुभाषी शासन को बढ़ावा गांधीनगर (ईएमएस)| आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ‘भाषिणी’ टूल्स के माध्यम से अब गुजराती सहित देश की विभिन्न स्थानीय भाषाओं का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा। अपनी भाषा और बोली को संरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है। इसी उद्देश्य के साथ गुजरात इन्फॉर्मेटिक्स लिमिटेड और भारत सरकार के MeitY के अंतर्गत ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ के संयुक्त उपक्रम से गांधीनगर में ‘भाषिणी राज्यं – गुजरात चैप्टर’ विषय पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाड़िया ने की। इस अवसर पर उन्होंने ‘अक्षर दृष्टि’ पोर्टल का शुभारंभ कर उसे नागरिकों की सेवा में समर्पित किया। कार्यशाला के दौरान सरकारी सेवाओं में आधुनिक अनुवाद तकनीक के उपयोग को बढ़ाने पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। मंत्री मोढवाड़िया ने कहा कि भाषा के कारण कोई भी कार्य बाधित नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत विकसित AI आधारित ‘भाषिणी’ टूल्स इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से भारतीय नागरिक वैश्विक स्तर पर संवाद करने में सक्षम होंगे और कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अधिकांश साइनबोर्ड स्थानीय भाषा में ही होते हैं, जिससे भाषा गौरव और आत्मनिर्भरता को बल मिलता है। उन्होंने बताया कि ‘भाषिणी’ पोर्टल के माध्यम से गुजरात सरकार की वेबसाइट और परिपत्र अब अंग्रेजी से गुजराती में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को उनकी समझ की भाषा में सेवाएं प्राप्त होंगी। मंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से ‘भाषिणी’ टूल्स का अधिकतम उपयोग कर इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। डिजिटल इंडिया ‘भाषिणी’ डिवीजन के CEO अमिताभ नाग ने राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से अधिकारी अंग्रेजी के अलावा स्थानीय भाषाओं का बेहतर उपयोग कर सकेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत भाषाई रूप से समृद्ध देश है और AI आधारित ‘भाषिणी’ टूल्स इस विरासत को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीक में निरंतर शोध और सुधार के माध्यम से ‘भाषिणी’ को और अधिक सटीक व उपयोगी बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उनके अंग्रेजी संबोधन का ‘भाषिणी’ के जरिए लाइव गुजराती अनुवाद प्रस्तुत किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती ने कहा कि AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि प्रशासनिक क्षमता और नागरिक सशक्तिकरण का माध्यम है। उन्होंने भरोसेमंद, सुरक्षित और गोपनीयता-संरक्षित AI प्रणाली के विकास पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गुजरात सरकार जल्द ही AI केंद्रित ‘डीप टेक मिशन’ की घोषणा करेगी। इसके साथ ही गिफ्ट सिटी में ‘इंडियन AI रिसर्च ऑर्गनाइजेशन’ और ‘AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना तथा गांधीनगर में डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। गुजरात इन्फॉर्मेटिक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अरविंद विजय ने कहा कि AI के उपयोग से राज्य सरकार के विभागों में आंतरिक प्रशासन और नागरिक केंद्रित सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी। उन्होंने ‘यूनिफाइड AI पॉलिसी’ और मानकों के निर्धारण पर बल दिया, ताकि विभिन्न पोर्टलों के बीच समन्वय बना रहे। Gujarat Unified Data Stack (GUDS) परियोजना के तहत एकीकृत डेटा पोर्टल तैयार किया जाएगा, जिससे नागरिकों का ‘गोल्डन रिकॉर्ड’ बन सके और योजनाओं के क्रियान्वयन में सटीकता आए। कार्यक्रम की रूपरेखा डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीनियर मैनेजर अजय सिंह राजावत ने प्रस्तुत की। कार्यशाला में ‘भाषिणी उदयत’, ‘भाषिणी एप मित्र’, ‘भाषिणी प्रवक्ता’ तथा कानूनी एवं नियामकीय विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई। इसमें MeitY, GIL और राज्यभर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सतीश/12 फरवरी