राष्ट्रीय
12-Feb-2026


गाजियाबाद,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में तीन सगी बहनों द्वारा 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में पुलिस की जांच अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस ने वह मोबाइल फोन बरामद किया है, जो कि लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने घटना से करीब 15 दिन पहले दिल्ली के शालीमार गार्डन में एक दुकानदार को बेच दिया था। पुलिस उपायुक्त (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल के अनुसार, मोबाइल का डेटा रिकवर करना जांच के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। शुरुआती बयानों से संकेत मिले हैं कि 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी किसी ऑनलाइन कोरियन गेम की आदी थीं। पिता का दावा है कि ये लड़कियां पिछले 3 साल से इस गेम में इस कदर डूबी हुई थीं कि उन्होंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। पुलिस अब फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह कोई टास्क-आधारित गेम था जिसने उन्हें इस आत्मघाती कदम के लिए उकसाया। घटनास्थल से मिली 9 पन्नों की एक डायरी ने इस त्रासदी के पीछे के पारिवारिक तनाव और सांस्कृतिक टकराव को उजागर किया है। डायरी से मिली मुख्य बातें निम्नलिखित हैं कि लड़कियों ने बार-बार लिखा कि वे कोरियन संस्कृति से प्यार करती हैं और इस अपनी जिंदगी मानती थीं। डायरी के अनुसार, परिवार उन पर कोरियन प्रभाव छोड़ने और भारतीय रीति-रिवाजों को अपनाने का दबाव बना रहा था। पिता द्वारा फोन बेचे जाने के बाद लड़कियां गहरी निराशा में थीं। उनका अपने ऑनलाइन कोरियन दोस्तों से संपर्क टूट गया था। डायरी में मारपीट और सख्त सजा का भी जिक्र है। लड़कियों ने आखिरी संदेश में लिखा, आपकी मार से हमारे लिए मौत बेहतर है... सॉरी पापा। फिलहाल पुलिस मोबाइल डेटा और डायरी के पन्नों का मिलान कर रही है। हालांकि शुरुआती जांच में किसी विशिष्ट सुसाइड ऐप के ठोस सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस दर्दनाक कदम के पीछे असली वजह ऑनलाइन गेमिंग थी या घरेलू परिस्थितियां। 4 फरवरी को हुई इस घटना ने डिजिटल युग में बच्चों की मानसिक स्थिति और माता-पिता के साथ उनके संवाद की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आशीष दुबे / 12 फरवरी 2026