क्षेत्रीय
12-Feb-2026


मक्का के सही दाम न मिलने को लेकर किसान कांग्रेस लेगी न्यायालय की शरण छिंदवाड़ा (ईएमएस)। मक्का को समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की घोषणा के बाद सरकार की वादाखिलाफी पर अब किसान अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। कांग्रेस ेसे जुड़े किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा की सरकार ने मक्का उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की घोषणा और वादा किया था, जिसे आज तक पूरा नहीं किया। किसानों के निवेदन, प्रदर्शन, आंदोलन के बाद भी सरकार नहीं जागी। किसान औने पौने दामों में मक्का बेचने विवश हुए हैं। किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह ने कहा कि मप्र कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 36(3) के तहत जिन अधिसूचित कृषि उपजों का समर्थन मूल्य सरकार द्वारा घोषित है उनकी खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर नहीं की जा सकती। नीलामी भी समर्थन मूल्य से नीचे शुरू नहीं होनी चाहिए। लेकिन प्रदेश की मंडियों में ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने मक्के का समर्थन मूल्य 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया, लेकिन इस मूल्य पर खरीदी नहीं की। इसके चलते किसानों को 800 से 1000 रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। माननीय उच्च न्यायालय ने इस संबंध में पूर्व में आदेश भी पारित किए गए हैं कि सरकार द्वारा जिन फसलों का समर्थन मूल्य घोषित किया जाता है उससे कम पर किसानों की कृषि उपजों की खरीदी नहीं होनी चाहिए। इसको लेकर अब किसान कांग्रेस उच्च न्यायालय की शरण लेगी। पुष्पेंद्र सिहं ने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से किसानों की कृषि उपजों को उचित समर्थन मूल्य पर खरीदी करवाने किसान कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति, राज्यपाल, केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री को भी एक पत्र भेजा गया है। ईएमएस।/मोहने/ 12 फरवरी 2026