13-Feb-2026
...


मण्डला (ईएमएस)। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध चलाए जा रहे 100 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान के तीसरे चरण के तहत ग्राम पंचायत माधोपुर (तहसील बिछिया) में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके विरुद्ध बने कड़े कानूनों से अवगत कराया गया।वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि शासन के नियमों के अनुसार लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह ‘बाल विवाह’ की श्रेणी में आता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बाल विवाह करने, करवाने या उसमें शामिल होने वाले व्यक्तियों को 2 वर्ष का कारावास और 1 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों सजाएं भुगतनी पड़ सकती हैं।बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए महिलाओं और बालिकाओं को आपातकालीन स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गईविधिक सेवा प्राधिकरण की पी.एल.वी. श्रीमती शिखा श्रीवास्तव ने कानून के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और बहुउद्देशीय कार्यकर्ता हरिशंकर कछवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ईएमएस / 13/02/2026