नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत जैसे देशों में लाखों लोग हाई ब्लड प्रेशर कारण हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और किडनी संबंधी समस्याओं के खतरे से जूझ रहे हैं। बदलती लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, अत्यधिक तनाव और गलत खानपान हाई ब्लड प्रेशर की प्रमुख वजहें हैं। हैल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि अगर समय रहते बीपी को नियंत्रित न किया जाए तो यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टरों की राय है कि दवाओं के साथ-साथ सही और संतुलित आहार भी ब्लड प्रेशर मैनेजमेंट में उतना ही जरूरी है। इसी संदर्भ में स्वास्थ्य विशेषज्ञ केले को ब्लड प्रेशर मरीजों के लिए एक उपयोगी फल बताते हैं। जानकारों का कहना है कि केले में पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हाई बीपी को नियंत्रित करने में सबसे शक्तिशाली तत्वों में से एक है। पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करता है। सोडियम का अधिक सेवन ब्लड प्रेशर को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे में केला नसों को रिलैक्स करने में मदद करता है, जिससे ब्लड वेसल्स फैलती हैं और ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है। जिन लोगों की डाइट में पोटैशियम की मात्रा संतुलित होती है, उनमें हृदय रोगों और हाइपरटेंशन का खतरा कम पाया जाता है। केला पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि इसमें कई आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने और वजन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मोटापा, वजन बढ़ना और पेट के आसपास चर्बी जमना हाई बीपी को बढ़ाने वाले मुख्य कारक हैं। ऐसे में केला एक हेल्दी स्नैक की तरह काम करता है, जो ऊर्जा भी देता है और अतिरिक्त कैलोरी भी नहीं बढ़ाता। इसके अलावा केले में मैग्नीशियम और विटामिन बी6 भी पाया जाता है। मैग्नीशियम मांसपेशियों एवं नसों को आराम देता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है। वहीं विटामिन बी6 मानसिक तनाव कम करने में सहायता करता है और शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में मदद करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोग अपनी दैनिक डाइट में फल और सब्जियों को शामिल करते हैं, उनमें ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्याओं से जुड़ी जटिलताएं कम देखने को मिलती हैं। केला आसानी से पचने वाला फल है और इसे हर आयु वर्ग का व्यक्ति अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकता है। हालांकि, किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए इसकी मात्रा पर नियंत्रण जरूरी है। हाई बीपी के मरीज दिन में एक केला खा सकते हैं, लेकिन जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उन्हें केला खाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। सुदामा/ईएमएस 14 फरवरी 2026