* सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में सार्वजनिक परिसरों में सर्वे की कार्रवाई, शिक्षकों पर कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं गांधीनगर (ईएमएस)| राज्य के विभिन्न समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित इस समाचार कि “सरकार अब शिक्षकों से आवारा कुत्तों की गिनती कराएगी” को शिक्षा विभाग ने पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन बताया है। कमिश्नर, स्कूल्स कार्यालय, गांधीनगर द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि ऐसी खबरें तथ्य से परे हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 07 नवंबर 2025 को सुओ मोटो रिट याचिका (सिविल) No. 5/2025 में दिए गए आदेश के तहत सभी सार्वजनिक संस्थानों और परिसरों में कुत्तों की सुरक्षा एवं प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में गुजरात पशु कल्याण बोर्ड, गांधीनगर ने 03 फरवरी 2026 के पत्र के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टेशनों तथा अन्य सार्वजनिक कार्यालय परिसरों में आवारा कुत्तों का सर्वे कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की है। शिक्षा विभाग के 11 फरवरी 2026 के पत्र के अनुसार, कमिश्नर स्कूल्स कार्यालय के अधीन सभी शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों और परिसरों में निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। हालांकि, कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि यह कार्य माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों अथवा अन्य कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पहल विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में सार्वजनिक हित में जारी की गई है। अतः राज्य के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त समाचार तथ्यहीन और भ्रामक हैं, ऐसा शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है। सतीश/14 फरवरी