खेल
14-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत के स्टार पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने मनामा में आयोजित प्रतिष्ठित बीडब्ल्यूएफ पैरा बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में एक बार फिर कमाल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। 37 वर्षीय भगत ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के फाइनल में इंडोनेशिया के मोहम्मद अल इमरान को 21-12, 21-18 से हराकर लगातार चौथा और कुल छठा विश्व खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे सफल एकल खिलाड़ी बन गए हैं। एसएल3 वर्ग में उन खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है जिनके निचले अंगों में गंभीर विकलांगता होती है। प्रमोद भगत पांच वर्ष की उम्र में पोलियो से प्रभावित हुए थे, लेकिन उन्होंने इस कमजोरी को अपनी ताकत में बदलकर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई। 2009, 2015, 2019, 2022 और 2024 में पहले ही स्वर्ण जीत चुके भगत का यह नया खिताब उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण है। यह जीत इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि प्रमोद हाल ही में डोपिंग रोधी नियमों के ‘वेयरअबाउट्स’ उल्लंघन के कारण 18 महीने के निलंबन से लौटे हैं। इस निलंबन की वजह से वह 2024 पेरिस पैरालंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियाँ भी उनके जज्बे को कमजोर नहीं कर सकतीं। फाइनल मुकाबले में प्रमोद ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। पहले गेम में 21-12 की आसान जीत के बाद दूसरे गेम में इमरान ने कुछ संघर्ष किया, लेकिन प्रमोद ने महत्वपूर्ण अंकों पर बेहतरीन नियंत्रण दिखाकर 21-18 से मैच अपने नाम कर लिया। उनकी यह उपलब्धि भारतीय पैरा बैडमिंटन के लिए गर्व का क्षण है और आने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा भी। डेविड/ईएमएस 14 फरवरी 2026