बालाघाट (ईएमएस). कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ के मार्गदर्शन में किसान कल्याण तथा कृषि विभाग बालाघाट द्वारा कमला नेहरू सामुदायिक भवन में आयोजित पांच दिवसीय कृषि मेला सह प्रदर्शनी का समापन किया गया। इस मेले में जिले के सभी विकासखंडों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि पद्धतियों और शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस कृषि मेले का प्रमुख उद्देश्य किसानों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से अवगत कराना, खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने हेतु प्रेरित करना तथा बदलते कृषि परिदृश्य में नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। मेले के दौरान कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों, युवा उद्यमियों तथा कृषि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से आए विशेषज्ञों द्वारा किसानों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। मेले के दौरान जीवंत प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रश्नोत्तरी एवं मिलेट्स से बने व्यंजनों के माध्यम से किसानों एवं आम नागरिकों की सहभागिता बनी रही। यह पांच दिवसीय कृषि मेला जिले के किसानों के लिए ज्ञानवर्धन, नवाचार और आयवृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले के प्रथम दिन मिलेट्स रोड शो का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीअन्न (कोदो, कुटकी, रागी आदि) फसलों के उत्पादन, पोषण महत्व और उपयोगिता का प्रचार-प्रसार किया गया। जिले के कृषकों द्वारा उत्पादित मिलेट्स फसलों एवं उनसे बने व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। द्वितीय दिन एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत बालाघाट के प्रसिद्ध चिन्नौर धान को केंद्र में रखते हुए मेला सह प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें इसके ऐतिहासिक महत्व, गुणवत्ता, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन पर विस्तार से चर्चा की गई। तृतीय दिन मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मिलेट्स की उन्नत खेती, बीज बैंक निर्माण, मूल्य संवर्धन एवं बाजार संभावनाओं पर किसानों को जानकारी दी गई। चतुर्थ दिन राष्ट्रीय तिलहन मिशन एवं ओडीओपी कार्यशाला के अंतर्गत तिलहन फसलों के उत्पादन, आधुनिक तकनीकों, प्रसंस्करण एवं स्थानीय स्तर पर तेल उद्योग को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा की गई। युवा उद्यमियों द्वारा कच्ची एवं आधुनिक तेल घानी इकाइयों के मॉडल प्रस्तुत किए गए। पंचम एवं अंतिम दिन आत्मा अंतर्गत कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें प्राकृतिक खेती, नरवाई प्रबंधन, जैविक खाद, प्राकृतिक दवाइयों तथा कृषि यंत्रों पर अनुदान संबंधी जानकारी दी गई। कृषि उद्यमियों, विशेषकर महिला उद्यमियों द्वारा प्राकृतिक खेती से प्राप्त सफलता की कहानियां साझा की गईं, जिससे किसानों को प्रेरणा मिली। भानेश साकुरे / 14 फरवरी 2026