फिरोजाबाद (ईएमएस) श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन रत्नत्रय जिनालय नसिया जी में चतु: पुरुषार्थ महोत्सव मुनिश्री अमित सागर गुरुदेव के सानिध्य में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव में भगवान मुनिसुव्रत नाथ का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर जिनभक्तों को गणिनी आर्यिका श्री विजय मती माता जी का भी सानिध्य मिला। नगर में भगवान मुनिसुवरातनाथ का निर्वाण महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यूँ तो निर्वाण महोत्सव नगर के प्रत्येक जिनालय में मनाया गया तथा भगवान का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। अपितु श्री शीतल नाथ दिगम्बर जैन रत्नत्रय जिनालय नसिया जी में यह महोत्सव चतु: पुरुषार्थ महोत्सव के रूप में पूर्ण विधि विधान के साथ मनाया गया। महोत्सव में प्रांगण में खचाखच भरे जिनभक्तों के बीच सूर्योदय की प्रथम बेला में मुनिश्री के मुख़ाग्र से मन्त्रोंच्चारण के साथ जिनभक्तों द्वारा दस तीर्थंकारों प्रासुक जल से जिनाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। शांतिधारा के प्रक्षाल को जिनभक्तों ने अपने ललाट पर लगाकर स्वयं को धन्य किया। बेटी समृद्धि जैन ने णमोकार मन्त्र का मनमोहक मंगलाचरण एवं आयुषी जैन ने गुरु वंदना करके सेंकड़ों की संख्या में उपस्थित जिनभक्तों को तालियां बजाने पर विवश कर दिया। महोत्सव में दिल्ली से पधारे गुरुभक्त अमित जैन, अशोक जैन, अभिषेक जैन, विनय जैन, निर्मल जैन, शुभम जैन एवं अंशुल जैन का चातुर्मास कमेटी ने गुरु आदेश से तिलक लगाकर कर पीत दुपट्टा पहना कर प्रशस्ति पत्र एवं मंगल कलश भेंट किया। तत्पश्चात् भगवान मुनिसुव्रत नाथ की जिनभक्तों द्वारा भक्तिभाव के साथ सांगितमय पूजा अर्चना एवं विधान किया गया। उसके बाद मनाया गया भगवान का निर्वाण महोत्सव जिसमे भगवान के निर्वाण कांड के पश्चात् प्रथम अष्ट द्रव्य से सुशोभित निर्वाण लाडू अमित जैन के साथ सभी जिनभक्तों ने सवा पांच फ़ीट भगवान मुनिसुव्रत नाथ की पद्मासन मूर्ति की परिक्रमा करते हुए मूर्ति के सम्मुख निर्वाण लाडू चढ़ाया। महोत्सव में आर्यका विजय मती माता जी ने एवं मुनिश्री ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के पुरुषार्थ चार प्रकार के होते हैं जिसमे प्रथम धर्म पुरुषार्थ, अर्थ पुरुषार्थ, काम पुरुषार्थ एवं मोक्ष पुरुषार्थ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने अर्थ अर्थात धन को धर्म प्रभावना, गुरु सेवा एवं गरीब के उत्थान में लगाते हुए अपने जीवन में काम वासना का त्याग कर मोक्ष मार्ग की और बढ़ना चाहिए। महोत्सव में कमेटी के इंद्र कुमार जैन, प्रवीण जैन, अशोक जैन जियाजी, राजेश जैन सरल, संजय जैन, श्याम सुन्दर जैन, चंद्र प्रकाश जैन,प्रवीण जैन मनोहर, मोहित जैन, आदीश जैन, राज जैन, नितिन जैन, अमित जैन, रतन जैन, सतीश सलावदिया, अरुण जैन केमिकल, देवेंद्र जैन रसूलपुर, रोविन जैन, मनोज जैन राशन, अंकित जैन, मुकेश जैन भोला, के साथ सेंकड़ों जिनभक्त उपस्थित थे। ईएमएस