क्षेत्रीय
14-Feb-2026


नींद से नहीं जाग रहे जिम्मेदार, दातला ग्राम में फिर एक मासूम पर किया हमला फोटो .. छिंदवाड़ा (ईएमएस)।शहर में इन दिनों आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गली-मोहल्लों में झुंड बनाकर घूम रहे कुत्ते अब खूंखार होते जा रहे हैं और आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों पर मंडरा रहा है, जो स्कूल जाने या घर के बाहर खेलने के दौरान इनका निशाना बन रहे हैं। पिछले दिनों भी आवारा श्वानों ने एक मासूम पर हमला करते हुए उसकी नाक नोच ली थी। इसी तरह शनिवार को भी एक आवारा श्वान ने एक मासूम पर हमला कर उसे बूरी तरह से घायल कर दिया है। बताया जा रहा है कि जुन्नारदेव के ग्राम दातला निवासी राषिका पर आवारा श्वान ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि राषिका किराना दुकान से सामान लेकर लौट रही थी। तभी एक आवारा श्वान उस पर झपट पड़ा। और उसके पैर पकड़ लिए। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह उसे श्वान के चंगुल से छुड़ाया। हमले में बच्ची बुरी तरह घायल हो गई। परिजन उसे नजदीकी उपचार केन्द्र लेकर पहुंचे। जहां से उसे जिला अस्पताल रैफर किया कर दिया गया। बाहर खेल रहे बच्चों पर कर रहे हमला शहर की गलियों व चौक चौराहों में घूमने वाले यह आवारा श्वान अब खूंखार होते जा रहे है। यह घर के बाहर खेलने वाले मासूमों पर हमला कर रहे है। पिछले दिनों सामने आए मामलों में अधिकांश मामलों में आवारा श्वानों ने घर के बाहर खेलते वक्त बच्चों को अपना शिकार बनाया है। इन हादसों के बाद अब माता पिता अपने बच्चों को बाहर अकेले बेचने से डर रहे है। स्कूल बस से उतरकर घर तक भी बच्चों को बड़े भर के साथ लाया जा रहा है। भय के साए में है अभिभावक शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार आवारा श्वानों द्वारा बच्चों व बुजुर्गों पर हमला करने के मामले सामने आ रहे है। जिसके बाद अब अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के साथ परिजन खुद जाने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि पिछले दिनों हुए हादसों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे है। सके चलते हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। ठंडे बस्ते में नसबंदी अभियान आवारा श्वानोंं पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने नसबंदी कार्य का ठेका एक निजी कंपनी को दिया है। लेकिन कंपनी नियमों का ताक पर रखकर अपने मर्जी से काम कर रही है। अब तक कंपनी महज ढाई से तीन हजार कुत्तों की ही नसंबदी कर पाई है। जबकि शहर में आवारा श्चानों की संख्या २० हजार से अधिक है। जबकि कंपनी को टेंडर दिए हुए लगभग एक वर्ष बीत चुका है। इसके बाद भी महज १० से १५ फीसदी काम ही हुआ है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में हालात और भी बतर हो सकते है। हर दिन ७ लोगों को बना रहे अपना शिकार वर्ष २०२५ में आवारा श्वानों ने २ हजार ५८६ लोगों पर हमला किया है। जिसमें मासूम बच्चें व बुजुर्गों की संख्या अधिक है। आंकड़ों की माने तो साल के हर एक दिन में इन आवारा श्वानों ने ७ लोगों को अपना शिकार बनाया है। यह आकड़ा सिर्फ सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों का है, इनमें से कई ऐसे मामले है जोकि निजी अस्पताल की वजह से सरकारी अस्पताल पहुंच ही नहीं पाते। वर्ष २०२५ में प्रत्येक माह के आंकडे जनवरी-२३८ फरवरी-२१८ मार्च-२११ अप्रैल-२२३ मई-२०९ जून-१८५ जुलाई-२४१ अगस्त-१८७ सितंबर-१९२ अक्टूबर-२११ नवंबर-१९१ दिसंबर-२८० ईएमएस/मोहने/ 14 फरवरी 2026