ज़रा हटके
15-Feb-2026
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लंदन (ईएमएस)। अमेरिका की सिलिकॉन वैली से लेकर दुबई के बुर्ज खलीफा तक भारतीयों ने अपने कौशल, मेहनत और क्षमता से एक मजबूत पहचान बनाई है। इसके बाद भी कुछ ऐसे देश हैं जहां भारतीय आबादी लगभग न के बराबर है। विदेश मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार ऐसे पाँच देश खास तौर पर इस सूची में शामिल हैं। सबसे पहले बात वैटिकन सिटी की करें तो यह दुनिया का सबसे छोटा देश है, जिसकी आबादी मुख्य रूप से कैथोलिक चर्च के अधिकारियों, पादरियों और स्विस गार्ड्स तक सीमित रहती है। यहां नागरिकता जन्म से नहीं मिलती, बल्कि सेवा और काम के आधार पर दी जाती है। भारतीय पादरी या नन धार्मिक कार्यों के लिए अस्थायी रूप से यहां आते तो हैं, लेकिन यहां कोई स्थायी भारतीय परिवार नहीं रहता। छोटे क्षेत्रफल और सख्त निवास नियमों के कारण यहां प्रवासियों की संख्या लगभग शून्य है। इसी तरह सैन मारिनो भी भारतीयों की स्थायी आबादी से लगभग खाली है। इटली के मध्य स्थित यह छोटा और ऐतिहासिक गणराज्य खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। भारतीय पर्यटक यहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, लेकिन विदेश मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार यहां रहने वाले भारतीयों की संख्या नगण्य है। देश का छोटा आकार और कठोर निवास शर्तें भारतीय प्रवासियों के बसने में बड़ी बाधा मानी जाती हैं। प्रशांत महासागर का छोटा द्वीप देश तुवालु भी इस सूची में शामिल है। यह दुनिया के सबसे दूरस्थ और कम आबादी वाले देशों में से एक है। नौ कोरल एटोल से बना यह द्वीप इतना छोटा है कि इसका क्षेत्रफल दिल्ली के कनॉट प्लेस से भी कम बताया जाता है। भौगोलिक अलगाव, सीमित सुविधाएं और कमजोर आर्थिक ढांचा भारतीयों के स्थायी रूप से बसने में बड़ी रुकावट बने हुए हैं। यहां भारतीय पर्यटक तो कभी-कभार पहुंचते हैं, लेकिन रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग शून्य है। पाकिस्तान का नाम भी उन देशों में शामिल होता है जहां भारतीय प्रवासी मौजूद नहीं हैं। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्ते और सुरक्षा संबंधी दिक्कतों के चलते वहां भारतीय समुदाय का रहना लगभग असंभव हो गया है। वर्षों से यह स्थिति यही बनी हुई है, जिसके कारण पाकिस्तान में भारतीयों की स्थायी आबादी नहीं पाई जाती। बुल्गारिया को लेकर अक्सर गलत जानकारी फैलाई जाती है कि यहां एक भी भारतीय नहीं रहता, जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार बुल्गारिया में लगभग 800 से 900 भारतीय रहते हैं, जिनमें अधिकतर छात्र हैं। हालांकि यह संख्या यूरोप के अन्य देशों की तुलना में बेहद कम है, इसलिए इसे अक्सर उन देशों की सूची में डाल दिया जाता है जहां भारतीय आबादी नगण्य मानी जाती है। सुदामा/ईएमएस 15 फरवरी 2026