नई दिल्ली (ईएमएस)। अगर आपको लंबे समय तक स्वस्थ रहना है तो डॉक्टर अक्सर सफेद चीनी को आहार से हटाने की सलाह देते हैं। मीठे का शौक अगर छोड़ना मुश्किल हो तो इसके प्राकृतिक और सेहतमंद विकल्प अपनाए जा सकते हैं, जो स्वाद भी बनाए रखते हैं और सेहत को नुकसान भी नहीं पहुंचाते। इन विकल्पों में सबसे पहला है खजूर। बाजार में दो तरह के खजूर मिलते हैं – प्राकृतिक रूप से पके हुए और गुड़ में पके हुए। दोनों फायदेमंद होते हैं, लेकिन प्राकृतिक खजूर शरीर के लिए ज्यादा अच्छे माने जाते हैं। ये मीठे होने के साथ-साथ हॉर्मोन बैलेंस करने में भी मदद करते हैं और तुरंत ऊर्जा देते हैं। दूसरा विकल्प है नारियल चीनी, जो नारियल के रस से बनती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह शुगर लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाती। इसमें मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। हालांकि इसकी कैलोरी थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन इसे रोजमर्रा की चीनी के सुरक्षित विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। तीसरा विकल्प है स्टीविया, जिसे मीठी तुलसी भी कहा जाता है। यह जीरो कैलोरी और जीरो शुगर विकल्प है, जिससे रक्त शर्करा स्तर पर कोई असर नहीं पड़ता। स्वाद हल्का मीठा और थोड़ा कड़वा होता है। स्टीविया का उपयोग न सिर्फ शुगर कंट्रोल में बल्कि हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, गैस, एसिडिटी और त्वचा रोगों में भी फायदेमंद माना जाता है। चौथा विकल्प है धागे वाली मिश्री, जो सफेद चीनी के मुकाबले कम कैलोरी वाली होती है और पेट को ठंडक पहुंचाती है। यह पाचन में मदद करती है और मीठा खाने की क्राविंग को प्राकृतिक तरीके से पूरा करती है। पांचवा और पारंपरिक विकल्प है गुड़ या गुड़ से बनी शक्कर। गुड़ शरीर को आयरन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करता है और सफेद चीनी की तुलना में काफी कम नुकसानदेह है। अगर आप मीठे के शौकीन हैं तो सफेद चीनी छोड़कर ये विकल्प अपनाना न सिर्फ स्वाद को बनाए रखेगा, बल्कि आपकी सेहत को भी सुरक्षित रखेगा। बता दें कि सफेद चीनी लगभग हर घर की रसोई का हिस्सा है और चाय से लेकर मिठाइयों तक इसका इस्तेमाल आम है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे मीठा जहर कहते हैं, क्योंकि इसमें मौजूद 90 फीसदी तक सुक्रोज शरीर में शर्करा के स्तर को तेजी से बढ़ा देता है। लंबे समय तक इसका सेवन मोटापा, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज़ और कई मेटाबॉलिक परेशानियों का कारण बन सकता है। सुदामा/ईएमएस 15 फरवरी 2026