क्षेत्रीय
15-Feb-2026
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रायपुर(ईएमएस)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार की सुबह से ही छत्तीसगढ़ के शिवालयों में आस्था का अद्भुत जनसैलाब उमड़ पड़ा। राजधानी रायपुर के खारुन नदी तट पर स्थित हटकेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार सुबह 4 बजे से लग गई। सभी भक्त जल और बेलपत्र लेकर भगवान शिव के दर्शन कर रहे हैं और हर-हर महादेव के जयघोष से परिसर गूंज उठा है। छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता सुबह से ही लगा हुआ है। भक्त व्रत रखकर जलाभिषेक, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। राजिम में विश्वप्रसिद्ध बाबा कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सुबह 3 बजे से भक्तों की भीड़ लगी रही। बताया जाता है कि वनवास काल में माता सीता ने त्रिवेणी संगम में स्वयं शिवलिंग का निर्माण किया था। महाशिवरात्रि के साथ ही 15 दिनों तक चलने वाला राजिम कुम्भ कल्प का अंतिम दिन भी समापन की ओर बढ़ रहा है। गरियाबंद के भूतेश्वरनाथ धाम में विशाल स्वयंभू शिवलिंग (ऊंचाई 72 फीट, गोलाई 210 फीट) पर श्रद्धालुओं का आगमन सुबह से जारी है। प्रशासन और समिति द्वारा सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। जांजगीर-चांपा जिले के खरौद में लक्ष्मणेश्वर मंदिर में देर रात से ही भक्तों की लंबी कतार लगी है। श्रद्धालु सवा लाख छिद्रों वाले शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित कर रहे हैं। मान्यता है कि इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ में महाशिवरात्रि का पर्व: आस्था, उत्साह और उमंग के संगम का पर्व, जहां लाखों श्रद्धालु और विदेशी सैलानी भी दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)15 फरवरी 2026