राजगढ़ (ईएमएस) जिले के खुजनेर से लोकेश यादव अपनी पत्नी शानू बाई और डेढ़ साल के बेटे अयांश के साथ 8 फरवरी को भैंसवा माता धाम में लगा मेला घूमने के लिए गए हुए थे। मेला में बच्चे ने समोसा के साथ अन्य सामग्री खाई थी। पानी भी पिया था। जब वह अपने घर लौटे तो रात से उनके बच्चे की तबियत बिगड़ने लगी। बच्चे को उल्टी-दस्त के साथ बुखार आने लगा। परिजनों द्वारा 9 फरवरी को खुजनेर के एक निजी डॉक्टर से उपचार करवाया, लेकिन बच्चे की तबियत ठीक नहीं हुई। तीन-चार दिन वह अलग-अलग शहरों में अलग डॉक्टर से उपचार कराते रहे। लेकिन बच्चे की तबियत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद बच्चे के परिजन ब्यावरा के निजी अस्पताल में बच्चे को लेकर पहुंचे, जहां जांच में पता चला की बच्चे के पेट के साथ ब्लड में भी इंफेक्शन है। डॉक्टर बच्चे को भर्ती कर उपचार कर रहे है, जिससे बच्चे की हालत में सुधार हो रहा है। गौरतलब है कि भैसवा माता धाम में वैसे तो बड़ी संख्या में जिले के साथ आसपास के जिलों से श्रद्धालु दर्शन, पूजन और आराधना करने आते है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का मंदिर आना होता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु निशान और ध्वज यात्रा लेकर मंदिर पहुंचते है। बसंत पंचमी पर हर साल एक महीने के मेले का आयोजन किया जाता है। इस साल भी 6 फरवरी से बसंत पंचमी पर मेला लग चुका है। बसंत पंचमी से ही मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी थी। 8 फरवरी को बड़ी संख्या में लोग मेले में आए थे। ऐसे में लोगों ने दूषित पानी पी लिया, जिससे तबियत बिगड़ने लगी थी। कई लोग अभी भी बीमार है और अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सिविल अस्पताल, ब्यावरा के अधीक्षक डॉ सौरिन दत्ता ने बताया कि दूषित पानी पीने से बच्चों के साथ बड़े और बुजुर्गों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस (उल्टी-दस्त) हो जाता है। इसके साथ बच्चों में पीलिया, डायरिया हो जाता है। जिससे डब्ल्यूबीसी बढ़ जाती है। जिससे पेट के साथ ब्लड में इंफेक्शन हो जाता है। खुजनेर के अयांश को भी पहले उल्टी-दस्त हुए थे। ब्यावरा के निजी अस्पताल में चैकअप के बाद डब्ल्यूबीसी बढ़ा है। साथ ही ब्लड में इंफेक्शन भी है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी पीने से अक्सर इसी तरह की बीमारी लोगों में हो जाती है। -निखिल /राजगढ़/15/2/2026