-अमेरिका-ईरान में बातचीत के बीच लंबी सैन्य कार्रवाई की तैयारी का दावा वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता दोबारा शुरू होने के बावजूद संभावित सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट में दो अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ कई हफ्तों तक चलने वाले व्यापक सैन्य अभियान की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यदि ट्रंप सैन्य कार्रवाई का आदेश देते हैं, तो सेना लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार की योजना पिछले साल जून में हुए सीमित हमलों से कहीं ज्यादा गंभीर है। उस समय अमेरिका ने इजराइल के समर्थन में ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, लेकिन इस बार अभियान बहु-आयामी और विस्तारित हो सकता है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिका ने ईरान के आसपास अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ानी शुरू कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने मध्य पूर्व में एक अतिरिक्त एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने का आदेश दिया है। इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में हजारों सैनिकों के साथ फाइटर जेट, गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर और उन्नत रक्षा प्रणालियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फायरपावर से संकेत मिलता है कि संभावित कार्रवाई हवाई और नौसैनिक हमलों पर केंद्रित हो सकती है। व्हाइट हाउस की ओर से जमीनी सेना भेजने के संकेत नहीं दिए गए हैं, लेकिन प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि ईरान के मामले में राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले हैं, जिनमें सैन्य विकल्प भी शामिल हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि संभावित अभियान में ईरान के परमाणु ढांचे, सरकारी प्रतिष्ठानों और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है, जो कई सप्ताह तक चल सकता है। इस बीच ईरान की प्रमुख सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले की स्थिति में वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगी। अमेरिका के जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, यूएई और तुर्की में सैन्य अड्डे मौजूद हैं, जिससे संघर्ष के क्षेत्रीय युद्ध में बदलने का खतरा और बढ़ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए, तो यह टकराव पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें वॉशिंगटन और तेहरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। सिराज/ईएमएस15फरवरी26