राज्य
16-Feb-2026
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झांसी(ईएमएस ) झाँसी महानगर में भी स्ट्रीट डॉग काफी संख्या में सड़कों पर घूमते दिखाई देते हैं। सड़क पर घूमने वाले यह स्ट्रीट डॉग राहगीरो के लिए तथा दो पहिया वाहनों पर गुजरने वाले यात्रियों के लिए काफी खतरनाक साबित हो जाते हैं। इनके लिए सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती के बाद अब हर निकाय में डॉग सेंटर होम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यहां न केवल उनका रहने की व्यवस्था की जाएगी बल्कि उनके खाने-पीने और इलाज का भी प्रबंध किया जाएगा। अभी तक ऐसा देखा गया है कि यह सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्ते प्रतिदिन लगभग एक दर्जन लोगों को अपना शिकार बना लेते थे। महिला हो या पुरुष कोई भी इनसे सुरक्षित नहीं है इन्हीं सब को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार अब हर निकाय में डॉग शेल्टर होम बनाने का प्रावधान किया गया है। इन आवारा कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निकाय की है लेकिन वह केवल उनकी नसबंदी कर वापस उसी जगह छोड़ देते हैं जहां से उन्हें उठाया जाता है।सुप्रीम कोर्ट भी इस पर नाराजगी जता चुका है।पिछले दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पशुपालन,नगर निकाय, शिक्षा, पंचायती राज एवं एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए थे, अब स्थानीय स्तर से इस पर काम शुरू होने वाला है। इन बनने वाले शेल्टर होम में कुत्तों के लिए खाने-पीने के साथ उपचार की भी सुविधा रहेगी। वहां केयरटेकर की भी व्यवस्था रहेगी और चिकित्सक फार्मासिस्ट की भी तैनाती की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एस के सिंह ने बताया कि अभी नोएडा में इस तरह के शेल्टर होम बनाए गए हैं। इसी तर्ज पर हर नगर निकाय में डॉग शेल्टर होम बनाने की योजना है। इनकी निगरानी के लिए सार्वजनिक क्षेत्र एवं बाजारों में नोडल अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।कुत्तों को सुरक्षित आसरा देने के लिए मुख्य सचिव ने शेल्टर होम खोलने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित विभागों के समन्वय के साथ जमीन तलाश की जा रही है जमीन मिलते ही प्रोजेक्ट शासन को भेजा जाएगा। इसी के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।शरद शिवहरे /ईएमएस /16फरवरी