क्षेत्रीय
17-Feb-2026
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गुना (ईएमएस) मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। पड़ोसी जिले विदिशा जिले के लटेरी तहसील अंतर्गत ग्राम उनारसी कलां निवासी एक पीडि़त दंपत्ति अपने मासूम बेटे आर्यन को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने आरोन के एक निजी डॉक्टर पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपा और सख्त कार्रवाई की मांग की। सर्दी-खांसी के इलाज में दी कैसी सजा? पीडि़त पिता राजेश हरिजन ने बताया कि नवंबर 2025 में वे अपने पुत्र आर्यन की सर्दी-खांसी का उपचार कराने आरोन स्थित डॉ. महेश राजपूत के क्लिनिक पर ले गए थे। वहां डॉक्टर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया और कुछ दवाइयां दीं। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे के हाथ में गंभीर रिएक्शन हुआ, जिससे वहां बहुत बड़ा और गहरा जख्म बन गया। हाथ की हालत बिगडऩे के बावजूद डॉक्टर ने पहले तो इसे सामान्य बताया, लेकिन जब इन्फेक्शन बुरी तरह फैल गया, तो डॉक्टर ने पल्ला झाड़ते हुए उन्हें गुना ले जाने की सलाह दे दी। दो ऑपरेशन के बाद भी स्थिति नाजुक, डॉक्टर पर बदसलूकी का आरोप राजेश ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार पालता है। इन्फेक्शन के कारण मासूम के अब तक दो ऑपरेशन कराने पड़े हैं और वह अब भी दर्द से जूझ रहा है। आरोप है कि जब वे डॉक्टर से शिकायत करने पहुंचे, तो सहानुभूति दिखाने के बजाय डॉक्टर ने उनके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। पीडि़़त माता-पिता ने कलेक्टर से मांग की है कि लापरवाह डॉक्टर के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए और मासूम के बेहतर इलाज के लिए सहायता प्रदान की जाए। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।_सीताराम नाटानी