क्षेत्रीय
12-Mar-2026


छिंदवाड़ा (ईएमएस)। अगर हम बात करे वार्ड क्रमांक २९ व ३० की तो यहां भी नालियों की सफाई नियमित नहीं हो रही है। जिसकी वजह से नालियां गंदगी से बजबजा रही है। इन्ही नालियों से पेयजल पाईपलाइन होकर गुजर रहीं है। कई जगह तो ऐसे हालात है कि नालियां इतनी गंदगी से भरी है कि पेयजल पाईप लाइन नजर ही नहीं आ रही है। वार्ड नंबर २९ राम मंदिर के समीप बनी नाली की महीनों से सफाई नहीं हुई है। जिसके चलते नाली में उपर तक कचरा भरा पड़ा है। ऐसे में अगर पाईपलाइन में लीकेज होता है तो नाली का गंदा पानी सीधे घरों में पहुंचेगा। बिगड़ सकते है हालात गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे समय में दूषित पानी पीने से डायरिया, उल्टी-दस्त, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी समय-समय पर साफ और सुरक्षित पानी पीने की सलाह देते हैं, लेकिन जब नलों से ही गंदा पानी आने लगे तो लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। वार्ड वासियों का कहना है कि यदि समय रहते नगर निगम ने पेयजल पाइप लाइन की जांच, लीकेज सुधार और नालियों की नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं की तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। नहीं मिलता लीकेज, परेशान होते है कर्मचारी नगर निगम द्वारा २० वर्ष पहले नालियों में पेयजल लाइन बिछाई गई थी। पाइपलाइन वर्षों पुरानी होने की वजह से कमजोर हो चुकी है। ऐसे में इनमें कभी भी लीकेज हो जाता है। शिकायत मिलने पर कर्मचारी मौके पर पहुंचते है। लेकिन नालियों में गंदगी भरी होने से कर्मचारियों को लीकेज ढूंढने में काफी मश्क्कत करनी पड़ती है। कर्मचारियों का कहना है कि पहले नालियों की सफाई करनी पड़ती है इसके बाद लीकेज मिलने पर सुधार कार्य किया जाता है। इंदौर घटना के बाद भी नहीं जागा निगम पिछले दिनों इंदौर में दुषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद प्रदेशभर में पेयजल को लेकर जिला प्रशासन व नगर निगम सकर्त हो गया था। लेकिन छिंदवाड़ा के हालात देखकर कुछ अलग ही लग रहा है। इतनी शिकायतों के बाद भी नगर निगम पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। पाइपलाइन बदलने के लिए भी केवल पत्र लिखने की बात कह रहा है। ईएमएस/मोहने/ 12 मार्च 2026