कलेक्ट्रेट परिसर में सोसायटी कर रही नियमों की अनदेखी छिंदवाड़ा (ईएमएस)। सरकारी कर्मचारियों के हितों के लिए बनाई गई 70 साल पुरानी सोसायटी अब कर्मचारियों के शोषण को लेकर सुर्खियों में आ गई है। कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत के नजदीक बने मिनिस्ट्रियल प्राथमिक उपभोक्ता सह. भंडार सोसायटी पर नियमों की अनदेखी कर सेटिंग बाजों को लाभ देने के आरोप लग रहे हैं। सूत्रों की माने तो 70 साल पहले जब इस सोसायटी का गठन किया गया था तब सोसायटी शासकीय कर्मचारियों के हितों के लिए काम करने का दावा कर रही थी 70 साल में कई पदाधिकारी आए और चले गए लेकिन पिछले करीब 10 सालों से कुछ विवादित पदाधिकारियों ने सोसायटी को अपने कब्जे में कर लिया है। यही वजह है कि सोसायटी में शासकीय सेवकों अथवा सेवानिवृत्त सेवकों को आरक्षित होने वाला भवन नियम विरूद्ध तरीके से खास चेहरों को बांट दिया गया है। क्या थी नियमावली सूत्रों की माने तो मिनिस्ट्रियल प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भंडारण समिति मर्यादित की नियमावली में इस बात का जिक्र था कि सोसायटी का भवन सिर्फ शासकीय सेवकों और सेवानिवृत्त शासकीय सेवक को ही आवंटित किया जाएगा। लेकिन कलेक्ट्रेट परिसर में बने इस सोसायटी के भवन को नियम विरूद्ध तरीके से आवंटित कर किराए पर दे दिया गया है। यहां पर एक शासकीय सेवक को 6 हजार रुपए पर एक दुकान आवंटित की गई थी लेकिन उसने उसके दो हिस्से कर एक हिस्से को 5 हजार रुपए किराए में दे दिया। फोटो कॉपी दुकान, पान ठेला और सर्विस प्रोवाइडर को नियम विरूद्ध तरीके से दुकान और जगह आवंटित कर दी गई। दो साल से वार्षिक आमसभा का इंतजार मिनिस्ट्रियल प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भंडारण समिति मर्यादित की पिछले दो साल से वार्षिक आमसभा की बैठक नहीं हुई है समिति के एक पदाधिकारी द्वारा इस बैठक को आहूत नहीं होने दिया जा रहा है जबकि 50 प्रतिशत से अधिक सदस्यों के मृत्यु अथवा अन्य कारणों से हटने के कारण नये सदस्यों की भी भर्ती नहीं हुई है। किराए से दिया सोसायटी का भवन, पदाधिकारी के घर से चल रहा काम शासकीय सेवकों के हित के लिए बनाई गई सोसायटी का अब आलम यह है कि इसके पदाधिकारियों ने सोसायटी के निजी भवन को किराए पर दे दिया है। सोसायटी के सभी दस्तावेज, कागजात और पंजीयन संबंधी दस्तावेज सहित अन्य रिकार्ड एक पदाधिकारी ने अपने घर पर रखा हुआ है उनके घर से ही कागजों में बैठके संचालित होती है जबकि अन्य पदाधिकारी के घर जाकर सिर्फ हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। ईएमएस/ मोहने/ 17 फरवरी 2026