क्षेत्रीय
17-Feb-2026


छिंदवाड़ा (ईएमएस)। सेंट जॉन्स चर्च और ईएलसी इन एमपी छिंदवाड़ा के ऊपर एक बार फिर गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस बार नजूल की जमीन को नियम विरूद्ध तरीके से प्लॉटिंग कर बेचने और कोर्ट की रोक के बावजूद यहां पर निर्माण कार्य शुरू किए जाने की बाते सामने आ रही है इसे लेकर एक बार फिर सेंट जॉन्स चर्च और ईएलसी इन एमपी सुर्खियों में आ गया है। कुछ महीनों ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे थे जिसके चलते यहां पर एडीशनल कलेक्टर को प्रशासक बनाया गया था लेकिन इसके बावजूद भी नजूल की जमीन के नाम पर बंदरबाट और उसमें भी समाज के लोगों के साथ ठगी का फिर मामला सामने आ रहा है। ऐसी ही शिकायत एक बार फिर सामने आई है। क्या है मामला सेंट जॉन्स चर्च (ईएलसी) की सदस्य अर्चना तेलगोटे ने जिला प्रशासन को शिकायत कर नजूल की जमीन खरीदने के नाम पर उनके साथ ठगी होने का आरोप लगाया है। दिव्यांग शिकायतकर्ता अर्चना तेलगोटे का कहना है कि वह सेंट जॉन्स चर्च ईएलसी की सदस्य है संस्था द्वारा सभी सदस्यों को नजूल भूमि पर कालोनी काटकर आवास बनाने के लिए भूखंड आवंटित किया गया था। इसके एवज में चर्च के ही कुछ लोगों द्वारा उनसे चार अलग-अलग किश्तों में 2 लाख 50 हजार रुपए लिए गए लेकिन जब प्लॉट देने की बारी आई तो उन्हें आवंटित होने वाले भूखंड पर किसी और का भवन निर्माण होने लगा। २०१९ से २०२१ तक लिए गए रुपए शिकायतकर्ता अर्चना तेलगोटे ने सेंट जॉन्स चर्च की रसीद भी दिखाकर दावा किया है कि उनसे सोसायटी के सदस्यों ने ३० जनवरी २०१९ को ३० हजार रुपए, 2 अप्रैल २०१९ को २० हजार रुपए और ३ अप्रैल २०२१ को १ लाख तथा ५ नवंबर २०२१ को एक लाख रुपए लिए गए हैं इसके बावजूद भी उन्हें नजूल की जमीन पर कोई प्लॉट आवंटित नहीं किया गया। कई शिकायतें आ रही सामने सूत्रों की माने तो नागपुर रोड में ईएलसी की जमीन आवंटन को लेकर समाज के कई लोग शिकायते लगातार कर रहे हैं बताया जाता है कि समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा नजूल की जमीन पर कालोनी काटकर प्लॉट आवंटित किए जाने के नाम पर बड़ी ठगी की गई है कई लोग अभी भी रसीद लेकर सोसायटी के पदाधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन के दरवाजे तक भटक रहे हैं लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। ईएमएस/ मोहने/ 17 फरवरी 2026