:: आरडीएसएस योजना के तहत अंचल में बिछा जाल; इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलों को सीधा लाभ :: इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत पश्चिम मध्य प्रदेश के विद्युत ढांचे में क्रांतिकारी विस्तार किया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक मालवा-निमाड़ अंचल में कुल 7500 नए ट्रांसफार्मर स्थापित कर वितरण क्षमता को सुदृढ़ किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इस बुनियादी बदलाव से औद्योगिक, व्यापारिक, कृषि और आवासीय क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है। :: वोल्टेज समस्या और ट्रिपिंग से मिलेगी मुक्ति :: मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के अनुसार, कंपनी क्षेत्र के सभी 15 जिलों में 100 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित कर उपभोक्ताओं की सुविधाओं में वृद्धि की गई है। इस तकनीकी उन्नयन से न केवल बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या कम होगी, बल्कि लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। वितरण कंपनी का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से तकनीकी हानि को न्यूनतम स्तर पर लाना है। :: उज्जैन और इंदौर जिलों में सर्वाधिक कार्य :: नेटवर्क विस्तार के तहत सबसे अधिक ट्रांसफार्मर उज्जैन जिले में 1200 और इंदौर जिले में 900 से अधिक स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त देवास जिले में 940, रतलाम में 540, खरगोन में 496, धार में 490 और खंडवा में 485 ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति को मजबूत किया गया है। आदिवासी अंचल के विकास को प्राथमिकता देते हुए झाबुआ में 400 और आलीराजपुर में 381 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। :: विभिन्न जिलों में बुनियादी ढांचे की मजबूती :: क्षमता विस्तार की यह प्रक्रिया अंचल के अन्य जिलों में भी प्रभावी ढंग से संचालित की गई है। मंदसौर में 403, शाजापुर में 333, नीमच में 290, बुरहानपुर में 289 और बड़वानी में 229 स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली वितरण प्रणाली को बेहतर बनाया गया है। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन नए संसाधनों से कृषि क्षेत्र में सिंचाई और उद्योगों में निर्बाध उत्पादन सुनिश्चित होगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। प्रकाश/17 फरवरी 2026