राज्य
18-Feb-2026


बीमा कंपनियों को भारी कमाई भोपाल (ईएमएस)। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों के लिए नहीं,कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पिछले 5 सालों में बीमा कंपनियों ने 15000 करोड रुपए का प्रीमियम किसानों और सरकार से वसूला है। वहीं फसलों की नुकसानी पर किसानों को मात्र 5000 करोड रुपए का ही मुआवजा दिया गया है। बीमा कंपनियों ने 10000 करोड रुपए किसानो की भलाई के नाम से सरकार और किसानों से वसूल कर लिए। लेकिन किसानों को उनकी नुकसानी का मुआवजा नहीं मिला। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा, 2021 से 2025 के वित्तीय वर्ष में 3.5 करोड़ सोयाबीन किसानों से 10058 करोड रुपए का प्रीमियम वसूल किया गया था। बीमा कंपनियों ने 3.21 लाख किसानों को ₹3174 करोड रुपए का क्लेम मंजूर किया है। गेहूं के लिए 2.69 करोड़ किसानों से 4987 करोड़ रूपये का प्रीमियम वसूल किया गया। इसके बदले में बीमा कंपनियों ने 56.22 लाख किसानों को मात्र 1838 करोड रुपए का भुगतान किया है। किसानों द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विरोध किया जा रहा है। बीमा कंपनियां सर्वे और क्लेम प्रकिर्या की जटिलता के कारण किसानों को क्लेम नहीं देती हैं। किसानों को नुकसानी का मुआवजा नहीं मिलता है। यह आंकड़े केवल मध्य प्रदेश के हैं। अन्य प्रदेशों को भी इसमें जोड़ा जाए तो बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर भारी प्रीमियम वसूल करने के मुआवजा नहीं देती है। जब क्लेम देने का मौका आता है, नियम कायदे कानून की आड़ में किसानों को मुआवजा नहीं देते हैं। बीमा कंपनियों को किसानो और सरकार से प्रीमियम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रीमियम वसूल करती हैं। इसमें बड़े पैमाने पर कमीशन खोरी की शिकायत आती है। जिसके कारण किसानों को मुआवजा नहीं मिलता है। किसानो के हर मंच से फसल बीमा को लेकर विरोध किया जाता है। उसके बाद भी बीमा कंपनियों के रूख में कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। एक तरह से बीमा कंपनियां किसानो और सरकार से अनिवार्यता के नाम पर जबरिया वसूली कर रही हैं। सरकार जिस तरह से अनदेखी कर रही है। उससे किसानों का रोष सरकार के प्रति दिखने लगा है। एसजे/ 18 फरवरी /2026