राज्य
19-Feb-2026


वाराणसी (ईएमएस)। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को कहा कि ‘गाय को राज्य माता घोषित करने’ और ‘गो-मांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध’ की उनकी मुख्य मांगों पर 20 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। श्री विद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर दिया गया 40 दिनों के अल्टीमेटम का आधा समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से ठोस पहल दिखाई नहीं दी। शंकराचार्य ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों के सम्मान से संबंधित टिप्पणी पर कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत भावना हो सकती है। बटुकों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रयागराज की एक घटना को लेकर दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बयानों के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वे क्यों बोल रहे हैं और क्या कह रहे हैं, यह वही बेहतर जानते हैं। शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि गोवंश की स्थिति पर सरकार की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की गोरक्षा के मुद्दे पर चुप्पी और अन्य विषयों पर मुखरता को लेकर संत समाज में सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि 40 दिनों की समय सीमा के 21वें दिन से आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। साथ ही उन्होने देशभर के संतों, अखाड़ों, महामंडलेश्वरों और महंतों से इस विषय पर शास्त्र-सम्मत दृष्टिकोण स्पष्ट करने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने 11 मार्च को ‘लखनऊ चलो’ का आह्वान करते हुए गोभक्तों से राजधानी पहुंचने की तैयारी करने को कहा। उन्होंने बताया कि एक मार्च को लखनऊ कूच के संबंध में विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक किया जाएगा। जितेन्द्र 19 फरवरी 2026