गुना (ईएमएस)।। शहर के हृदय स्थल रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित ऐतिहासिक चौधरन मिश्रीबाई धर्मशाला की जमीन को लेकर चला आ रहा हाई-प्रोफाइल विवाद शुक्रवार को नाटकीय मोड़ के बाद सुलझ गया। भाजपा के प्रदेश नेता के परिजन और मंदिर ट्रस्ट के बीच उपजे इस तनाव को शांत करने के लिए राजस्व अमले को भारी मशक्कत करनी पड़ी। अंतत: तहसीलदार की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लिखित सहमति बनी और सीमांकन के बाद विवादित हिस्से से अतिक्रमण हटाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। सत्ता के गलियारों से नपाध्यक्ष की सख्ती तक पहुँचा मामला विवाद की शुरुआत तब हुई जब शांतिनाथ दिगंबर जैन पुण्योदय अतिशय तीर्थक्षेत्र मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविन्द गुप्ता को एक शिकायती आवेदन सौंपा। आवेदन में आरोप लगाया गया कि भाजपा जिला महामंत्री रविन्द्र रघुवंशी (टिल्लू) और उनके परिजनों द्वारा धर्मशाला की भूमि पर सीमेंट के पोल गाडक़र और तारफेंसिंग उखाडक़र अतिक्रमण किया जा रहा है। चूंकि मामला सत्ताधारी दल के एक रसूखदार पदाधिकारी से जुड़ा था, इसलिए पूरे शहर की निगाहें नपा प्रशासन पर टिकी थीं। नपाध्यक्ष श्रीमती गुप्ता ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तत्काल सीएमओ को पत्र लिखा और न केवल धर्मशाला बल्कि समूचे स्टेशन रोड से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, ताकि अमृत योजना के तहत सडक़ चौड़ीकरण का कार्य निर्बाध रूप से पूरा हो सके। तहसीलदार की मौजूदगी में घंटों चला नपाई का दौर शुक्रवार को विवाद सुलझाने के लिए तहसीलदार जीएस बैरवा, आरआई कैलाशनारायण साहू और राजस्व की टीम मौके पर पहुँची। वहां बजरंगगढ़ कमेटी के महामंत्री प्रदीप जैन और भाजपा नेता रविन्द्र रघुवंशी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। टीम ने धर्मशाला और नगर पालिका के पुराने रिकॉर्ड खंगाले। घंटों चली नपाई के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जिस हिस्से पर निर्माण की कोशिश हो रही थी, वहां वास्तव में अतिक्रमण की स्थिति बन रही थी। पक्ष-विपक्ष और प्रशासन, किसने क्या कहा? इस बारे में की प्रशासन की ओर से तहसीलदार जीएस बैरवा ने कहा कि स्टेशन रोड स्थित जैन समाज की चौधरन मिश्रीबाई धर्मशाला और रविन्द्र रघुवंशी के बीच विवाद चल रहा था। हम यहां नाप तौल करने आए हैं। हमने धर्मशाला का रिकॉर्ड भी देखा और नपा का रिकॉर्ड भ्भी देखा। फायनली यह पाया गया कि जो एरिया है उसमें अतिक्रमण है। उसका मेजरमेंट किया गया और आपसी सहमति से विवाद का निराकरण किया गया है। दोनों पक्ष संतुष्ठ हैं। दोनों पक्षों ने सहमति बना ली है। वहीं मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि रेलवे स्टेशन रोड पर हमारी चौधरन धर्मसभा है। जिस पर विवाद यह था कि यह लोग अंदर दुकान बना रहे थे। उनका कहना था कि 10 बाई 25 की दुकान हमने नगरपालिका से किराये से ली है। हमारा कहना था 10 बाई 25 की कोई दुकान नपा किराये पर नहीं देती। इन्होंने एक एग्रीमेंट दिखाया जिसमें पश्चिम दिशा में स्टेशन, पूर्व मेंं एमपीईबी की बाउण्ड्री और एक साईड चौधरन धर्मशाला की बाउण्ड्री बताई थी। दिशाओं के हिसाब से दुकान का समझौता नहीं हो पा रहा था तो तहसीलदार साहब ने दोनों पक्षों के बीच समझौता के लिए सहमति बनाई। आपकी धर्मशाला की जगह यह छोड़ देंगे बाकी जो रोड के पीछे गुमटी बनी हुई हैं उनके पीछे जो जगह है वहां वह अपनी दुकान बना लेंगे। सहमति और स्वीकृति के बाद उन्होंने चौधरन धर्मशाला की जगह खाली छोड़ी है। वहीं भाजपा नेता के परिजन सौरभ रघुवंशी ने बताया कि मेरी माताजी अंजू रघुवंशी के नाम नपा की 10&25 की दुकान रजिस्टर्ड थी। हमने अपने सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए। समझौते के बाद हमें हमारी जमीन मिल गई है और हम संतुष्ट हैं। फिलहाल, जैन समाज ने अपनी जमीन वापस मिलने पर राहत की सांस ली है, वहीं नपा प्रशासन अब आगे के चौड़ीकरण कार्य में जुट गया है।- सीताराम नाटानी