राजगढ़(ईएमएस) जिले की प्राथमिक कृषि साख समितियों में कार्यरत सहायक समिति प्रबंधकों ने 18 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल 60 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति न होने और लंबित भुगतान के विरोध में की जा रही है। जिले की सभी 140 समितियों में कामकाज ठप है। गुरुवार को कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय स्थित बैंक के सामने धरना देकर अपना विरोध जताया। सहकारिता कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष विश्राम सिंह मीणा ने हड़ताल का नेतृत्व किया। मीणा ने बताया कि आयुक्त सहकारिता और मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के स्पष्ट आदेशों के बावजूद राजगढ़ जिले में 60 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। जबकि कई अन्य जिलों में ये आदेश लागू हो चुके हैं। जिले की 140 समितियों में अधिकांश स्थानों पर सहायक ही समिति प्रबंधक के रूप में कार्य कर रहे हैं। नियमानुसार लगभग 110 सहायकों को पदोन्नत किया जाना है। पदोन्नति के अलावा, 1 अक्टूबर 2023 से देय 3 लाख 3 हजार रुपये का भुगतान और बढ़ा हुआ वेतन भी कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला है। यह भी हड़ताल का एक प्रमुख कारण है। विश्राम सिंह मीणा ने जानकारी दी कि कर्मचारियों ने 9 फरवरी को प्रशासक और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सात दिन का समय दिया था। सुनवाई न होने पर मजबूरन 18 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करनी पड़ी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पदोन्नति आदेश लागू नहीं होते और बकाया भुगतान नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के तहत पहले दिन उदनखेड़ी ब्रांच, दूसरे दिन जिला मुख्यालय स्थित बैंक और शुक्रवार को खुनजेर शाखा के सामने धरना दिया गया। आगे के धरना स्थलों का निर्णय मौके पर किया जाएगा। कर्मचारियों ने मांगें न माने जाने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। इस हड़ताल से समितियों का कामकाज ठप हो गया है, जिससे किसानों और खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।-निखिल/राजगढ़/20/2/2026